Home Uncategorized तीन तलाक पर हो सकती है तीन साल की जेल

तीन तलाक पर हो सकती है तीन साल की जेल

Firstpost Hindi
Ashu Das
सुप्रीम कोर्ट द्वारा तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिए जाने के बाद शीतकालीन सत्र में केंद्र सरकार इससे संबधित एक कानून लाने की तैयारी कर रही है। केंद्र सरकार ने एक बार में तीन तलाक पर रोक लगाने के लिए मसौदा तैयार कर लिया है। केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए मसौदे में अगर कोई शख्स अपनी पत्नी को तीन तलाक देता है तो उसे गैर जमानती और संज्ञेय/ कॉग्निजेबल अपराध माना जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट द्वारा असंवैधानिक करार दिए जाने के बाद कानून पर विचार किया जा रहा है। सरकार की रणनीति है कि शीतकालीन सत्र में ही इस विधेयक को पारित किया जाए। बता दें कि कुछ समय पहले सुप्रीम कोर्ट ने एक साथ तीन तलाक पर रोक लगाते हुए सरकार को कानून बनाने की सलाह दी थी। चीफ जस्टिस जेएस खेहर और जस्टिस नजीर ने अल्पमत में दिए फैसले में कहा था कि तीन तलाक धार्मिक प्रैक्टिस है, इसलिए कोर्ट इसमें दखल नहीं देगा।
सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक पर फैसला सुनाते हुए पांच सदस्यीय बेंच ने 3-2 के बहुमत से एक साथ तीन तलाक की प्रथा को असंवैधानिक करार दिया था। पांच सदस्यीय संविधान पीठ के तीन सदस्यों न्यायमूर्ति रोहिंगटन एफ नरीमन, न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित और न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ ने तलाक-ए-बिदअत को असंवैधानिक करार देते हुए कहा कि यह प्रथा गैर-इस्लामिक है। हालांकि संविधान पीठ की अध्यक्षता कर रहे मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर और न्यायमूर्ति ए. अब्दुल नजीर ने तलाक-ए-बिदअत को गैर-कानूनी ठहराने के तीन अन्य न्यायाधीशों के फैसले से असहमति जतायी।न्यायमूर्ति खेहर ने पहले अपना फैसला सुनाते हुए सरकार को तीन तलाक के मामले में कानून बनाने की सलाह दी और छह माह तक तलाक-ए-बिदअत पर रोक लगाने का आदेश दिया।
SOURCEnewsstate
Previous articleकरीना का रेड हॉट स्टाइल
Next articleस्मिता पाटिल – ज्यादातर सामाजिक मुद्दों से जुड़ी फिल्मों में ही काम किया