भारत में महिलाएं आज आसमान छूने की कगार पर पहुंच गई है। देश के निजी से लेकर सरकारी महकमों में महिलाएं वो दर्जा हासिल कर चुकी हैं जिसकी कल्पना कर पाना भी मुश्किल है। लगभग हर क्षेत्र में ही महिलाओं का बोलबाला माना जा रहा है। समाज की सोच को किनारे करके महिलाओं को बराबरी का अधिकार देने के लिए भारतीय रेलवे ने कई सारे ठोस कदम उठाए हैं।
मध्य रेलवे ने माटुंगा स्टेशन पर सभी पदों के लिए महिला कर्मचारियों की तैनाती की गई। डी ग्रेड से लेकर ए ग्रेड तक सभी पदों पर महिलाएं विराजमान हैं। रेलवे की इस पहले के बाद माटुंगा देश का पहला महिला रेलवे स्टेशन बन गया है। माटुंगा स्टेशन पर करीबन 30 महिला कर्मचारियों का स्टाफ है, जिनमें 11 बुकिंग क्लर्क्स, 7 टिकट कलेक्टर्स, 2 चीफ बुकिंग अडवाजर्स, 5 रेलवे पुलिसकर्मी, 5 पॉइंट पर्सन, 2 अनाउंसर्स और एक स्टेशन मैनेजर हैं।
इस स्टेशन की प्रबंधन बनी हैं ममता कुलकर्णी जो साल 1992 में मुंबई की पहली महिला स्टेशन मास्टर बनीं थीं। महिलाओं को समान अधिकार दिलाने के लिए शुरू की गई ये पहल अगर सफल होती है तो आगामी समय में इसे अन्य जगहों पर भी लागू किया जाएगा। अब ये कहना गलत नहीं होगा कि महिलाएं हर दिशा में आगे बढ़ रही हैं और घर की चार दीवारी से लेकर बाहर की दुनिया का जिम्मा संभाल रही हैं।