केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली आज मोदी सरकार का आखिरी पूर्णकालिक बजट पेश करने वाले हैं। जेटली की पोटली पर हर किसी की निगाहें बनी हुई है। खासकर महिलाओं को उम्मीद है कि इस बार जेटली अपनी पोटली से उनके लिए लाभकारी योजनाओं का भंडार निकालेंगे। ख़बरों की मानें तो आम बजट में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) द्वारा संचालित योजनाओं में महिला कर्मियों के लिए कॉन्ट्रिब्यूशन रेट को कम रखने की घोषणा हो सकती है। सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के मुताबिक महिला कर्मियों के लिए पीएफ योजनाओं में कॉन्ट्रिब्यूशन रेट 6 से 10 फीसदी के बीच हो सकती है।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो आम बजट 2018 में महिलाओं के रोजगार के अवसर बढ़ाने, महिला कर्मचारियों की नियुक्ती करने के लिए कंपनियों को प्रोत्साहन देने पर बात हो सकती है। वर्तमान में ईपीएफओ योजना के तहत नियोक्ता कर्मचारियों के हिस्से के तौर पर 12 फीसदी का कॉन्ट्रिब्यूशन रेट है और नियोक्ता की ओर से 9.49 फीसदी का कॉन्ट्रिब्यूशन रेट किया जाता है।
सरकार के एक अधिकारी की मानें तो बजट में देश के श्रम बल में महिला-पुरुष के व्यापक अंतर को कम करने के लिए कोशिश करने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके साथ ही निजी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाया जा सके इसके लिए काम किया जाएगा। बजट में औपचारिक क्षेत्र में कर्मचारियों की नियुक्ति की लागत को भी कम करने तथा कर्मचारियों के हाथ में मिलने वाले वेतन को बढ़ाने के उपायों की घोषणा की भी जा सकती है।