बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को सैनिटरी नैपकीन की कीमतें घटाने के लिए कहा है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य में नैपकीन और इसके बारे में जागरुकता बढाने के मामले पर सुनवाई करते हुए कहा है कि ये एक बहुत महत्वूपूर्ण मुद्दा है जिससे करीब आधी आबादी प्रभावित होती है। इसलिए राज्य में इसके बारे में जागरुकता बढाई जानी चाहिए।
एनजीओ शेट्टी वुमेन वेलफेयर फाउंडेशन ने ज्यादा कीमतों और जागरुकता की वजह से 80 प्रतिशत महिलाओं तक सैनिटरी नैपकिन ना पहुंचने की बात कहते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। याचिका में सरकार से नैपकिन पर 12 फीसदी जीएसटी को कम करने की मांग की है।
याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस पाटिल ने महाराष्ट्र सरकार से सवाल किया कि राज्य सरकार ने सैनिटरी नैपकिन के इस्तेमाल के बारे में जागरुकता बढ़ाने के लिए क्या किया है? इसके बाद जस्टिस पाटिल के राज्य सरकार को सुझाव देते हुए कहा कि उन्हें पहला कदम नैपकीन को लेकर प्रदेश में जागरूकता बढ़ाने पर काम किया जाना चाहिए। वहीं सरकार का दूसरा कदम सैनिटरी नैपकिन को सब्सिडी वाली कीमतों पर उपलब्ध कराना होना चाहिए।