
पूर्णिमा देवी बर्मन का जन्म आसाम के छोटे से गांव में हुआ था। उनके पिता सेना में थे। उनका ज्यादातर बचपन अकेले में ही बीता था। शायद इसी कारण उन्हें प्रकृति से काफी प्रेम है। जब वे अकेले रहती थी तो, वे कुदरत से बातें किया करती थी।
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उनका कहना है कि आसमान में राजा की तरह उड़ने वाले गिद्धों और सरसों के खेत में जानवरों की लाशों को खाते हुए देखना वह कैसे भूल सकती हैं। वे बताती है कि उनकी दादी उन पक्षियों को स्थानीय नाम से पुकारा करती थी। यह तो उन्हें भी नहीं पता था कि आगे चलकर वे पक्षियों के लिए कुछ करने वाली है।
Nature as Class room!! pic.twitter.com/9GCZGLNnfU
— Purnima Devi Barman (@DeviBarman) July 13, 2017
उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे वे बड़ी होती गई, जीव विज्ञान में उनकी दिलचस्पी बढ़ती गई। इसलिए उन्होंने इसी विषय में अपनी पढ़ाई को जारी रखा और उसी समय पर इन्होंने इस बात का फैसला कर लिया कि वे आगे चलकर अपने ज्ञान को प्रकृति के लिए ही इस्तेमाल करेंगी। उन्होंने गुवाहाटी के बगल में जिले कामरूप के दादरा और पचरिया मे अपने काम की शुरुआत की। इसी दौरान उन्होंने काफी सारे सर्वेक्षण भी किए।
When we have a crisis of class room, nature provides with the best one. paddy fields@Dadara !! @WhitleyAwards @WhitleyAwards @DrHBS4India pic.twitter.com/8RGQRvXRLj
— Purnima Devi Barman (@DeviBarman) July 13, 2017
साल 2017 में Whitley अवार्ड से नवाजा गया। इस अवॉर्ड का दूसरा नाम ग्रीन ऑस्कर भी है। आज पूर्णिमा देवी बर्मन 200 महिलाओं का सेल्फ हेल्प ग्रुप को चला रही हैं। इस ग्रुप का नाम है हरगिला आर्मी।
Thanks a lot WFN for this life changing recognition. pic.twitter.com/jkZtGiKdQl
— Purnima Devi Barman (@DeviBarman) July 7, 2017
उन्हें भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर देश की 29 अन्य महिलाओं के साथ नारी शक्ति पुरस्कार, 2017 से सम्मानित किया गया।
Thanks a lot everyone for all your support and blessings. I shall alwys try my best towards the cause. pic.twitter.com/CD9GhiX4je
— Purnima Devi Barman (@DeviBarman) March 9, 2018
अधिक से अधिक सारस (क्रौंच पक्षी) के संरक्षण की दिशा में उनके अविश्वसनीय प्रयासों को स्वीकार करते हुए, असम के राज्यपाल जगदीश मुखी ने पर्यावरणविद् पूर्णिमा देवी बर्मन को “हरगिला” के नाम से सम्मानित किया।
Greatly indebted to Honourable Governor of Assam for his interest in our Hargila conservation mission and the Whitley Award. @WhitleyAwards pic.twitter.com/VWB0lzESsA
— Purnima Devi Barman (@DeviBarman) July 15, 2017










