
पूनम यादव भारतीय वेटलिफ्टर है। इन्होंने वेटलिफ्टिंग में कई पदक हासिल किए हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स में भी इन्होंने अपना काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। इनका प्रदर्शन कॉमनवेल्थ में सर्वश्रेष्ठ रहा, इसीलिए इन्हें कॉमनवेल्थ में स्वर्ण पदक अपने नाम किया है।

पूनम यादव का जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी में साल 1995 में हुआ। इन्होंने अपनी शिक्षा काशी विद्यापीठ से हासिल की है। पूनम यादव एक गरीब परिवार से हैं। उनके परिवार में उनके माता-पिता के अलावा दो बहनें और एक भाई भी हैं। पूनम की बड़ी बहन शशि वह भी एक वेटलिफ्टर है। इतना ही नहीं पूनम की छोटी बहन पूजा ने भी वेटलिफ्टिंग मे ही अपना करियर चुना है।
साल 2004 में एशियाई जूनियर चैंपियनशिप में पूनम ने भाग लिया और अपना पहला अंतरराष्ट्रीय पदक जीता था। इस पदक को हासिल करने के बाद पूनम को ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ में हिस्सा लेने का सुनहरा मौका मिला और वहां पर इन्होंने अपना पहला सीडब्ल्यूजी पदक जीता। इस कॉमनवेल्थ में पूनम तीसरे स्थान पर थी। इन्होंने इस कॉमन वेल्थ गेम के दौरान कांस्य पदक अपने नाम किया।
सन 2015 में कॉमनवेल्थ युवा खेलो पूनम महिला की सीनियर और जूनियर दोनों श्रेणियों में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। यह पदक इन्होंने 63 किलोग्राम वर्ग में जीते थे।
पूनम का पदक जीतने का सफर साल 2018 तक लगातार चलता रहा। साल 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भी पूनम ने चौथे दिन स्वर्ण पदक जीत लिया था। वेटलिफ्टिंग में पूनम यादव ने 69 किलोग्राम वर्ग में हिस्सा लिया था। और 222 किलोग्राम का वजन उठाकर इस पदक को अपने नाम किया था।










