
कृति करंत जीव विज्ञानी है। ये बेंगलुरु की रहने वाली है। संरक्षण जीव विज्ञानी का हेड ऑफिस बेंगलुरु में स्थित है। इनका मुख्य कार्य वातावरण संरक्षण करना है। वर्तमान में कृति करंत वन्य जीव संरक्षण समिति जो कि न्यूयॉर्क में स्थित है, वहां पर एक एसोसिएट्स संरक्षण वैज्ञानिक है। इतना ही नहीं वन्यजीव अध्ययन केंद्र बेंगलुरु में यह कार्यकारी निदेशक के रूप में अपनी सेवा दे रही हैं। यह मानव पशु संघर्ष और भूमि उपयोग परिवर्तन जैसे मुद्दों पर काम करना पसंद करती हैं और इसी में इनकी स्पेशलिटी है।
इन्होंने अपनी ग्रेजुएशन पर्यावरण विज्ञान और भूगोल में की है।इन्होंने अपनी ग्रेजुएशन फ्लोरिडा यूनिवर्सिटी से की। उसके बाद एमईईसी पर्यावरण विज्ञान में इन्होंने येल विश्वविद्यालय से अपनी पढ़ाई पूरी की। ड्यूक यूनिवर्सिटी से इन्होंने नीति और पर्यावरण विज्ञान में पीएचडी की है।
भारतीय स्थानों के आस-पास स्तनपाई विलुप्त हो रही जाती पर इन्होंने कार्य किया है। उनके कार्य में पर्यटन प्रवृत्तियों, मानव वन्यजीव संघर्ष, लोगों के स्वैच्छिक पुनर्वास, मानवकृष्णिक दबाव के प्रभाव, भूमि और संसाधन उपयोग परिवर्तन के अध्ययन शामिल है। साल 2002 में उन्हें भद्रा में अपनी पहली फिल्म परियोजना की शुरुआत की। उन्होंने वहां पर लोगों के स्वैच्छिक पुनर्वास का अध्ययन किया।
उपलब्धियां
2011 – कृति करंत को 2011 में नेशनल ज्योग्राफिक सोसायटी के 10000 वें अनुदानक के रूप में सम्मानित किया गया।
2012 – कृति करंत को 2012 में नेशनल ज्योग्राफिक के उभरते खोजकर्ता
के रूप में चुना गया।
2012 – इसी साल 2012 में कृति करंत को फेमिना द्वारा भारत की एक पावरफुल महिला के रूप में चुना गया था।










