
हिमा दास का जन्म आसाम के नगांव जिले की कांधूलीमारी गांव में हुआ। इनके पिता का नाम रंजीत दास और माता का नाम जोनाली दास है। इनकी माता पिता गांव में चावल की खेती करते हैं। हिमा दास भारतीय धावक है। हिमा दास आईएएएफ वर्ल्ड अंडर-20 एथलेटिक्स चैम्पियनशिप की 400 मीटर दौड़ प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं।
20 दिन में 5 स्वर्ण पदक अपने नाम कर हिमा दास आज आज भारत की शीर्ष महिला धावक बन चुकी हैं। पूरा सोशल मीडिया हिमा दास की जमकर तारीफ कर रहा है कोई उन्हें “गोल्डन गर्ल” नाम से बुला रहा है, तो कोई “फ्लाय गर्ल”। गर्व की बात है कि भारत की बेटी ने देश को महज़ 20 दिन में 5 स्वर्ण पदक दिए हैं।
एक खिलाड़ी ही जान सकता है कि एक स्वर्ण पदक को जीतने के लिए उसे कितनी मेहनत करनी पड़ती है। न जाने कितने सालों की मेहनत के बाद एक स्वर्ण पदक उन्हें मिलता है। यहां तो हिमा दास ने लगातार 5 स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं।
2 जुलाई 2019 : पहला गोल्ड मेडल – को ‘पोज़नान एथलेटिक्स ग्रांड प्रिक्स’ में 200 मीटर रेस में जीता। इस रेस को उन्होंने 23.65 सेकंड में पूरा कर गोल्ड जीता था।
7 जुलाई 2019 : दूसरा गोल्ड मेडल – पोलैंड में ‘कुटनो एथलेटिक्स मीट’ के दौरान 200 मीटर रेस को हिमा ने 23.97 सेकंड में पूरा करके दूसरा गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
13 जुलाई 2019 : तीसरा गोल्ड मैडल – हिमा ने चेक रिपब्लिक में हुई ‘क्लांदो मेमोरियल एथलेटिक्स’ में महिलाओं की 200 मीटर रेस को 23.43 सेकेंड में पूरा कर तीसरा गोल्ड मेडल जीता।
17 जुलाई 2019 : चौथा गोल्ड मैडल – चेक रिपब्लिक में आयोजित ‘ताबोर एथलेटिक्स मीट’ के दौरान महिलाओं की 200 मीटर रेस को 23.25 सेकेंड में पूरा कर हिमा ने चौथा गोल्ड मेडल हासिल किया
20 जुलाई 2019 : पांचवा गोल्ड मैडल – हिमा ने चेक गणराज्य में ही 400 मीटर की दौड़ स्पर्धा को महज़ 52.09 सेकेंड में पूरा कर जीत हासिल की।
इस तरह हिमा दास ने जुलाई के महीने में सिर्फ 20 दिनों के अंदर पांच स्वर्ण पदक जीत कर देश का नाम गोल्ड की तरह दुनिया भर में चमका दिया है।










