
पहले के जमाने में पैसे की सारी जिम्मेदारियां पुरुषों को दी जाती थी। ऐसा समझा जाता था कि पुरुष पैसे की देखभाल अच्छी तरह से कर सकते हैं, लेकिन अब जमाना बदल चुका है। अब महिलाएं भी वित्त मामले में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने लगी है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण है अंशुला कांत। इन्होंने भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक बैंक एसबीआई का वित्तीय प्रबंधन संभाला है। इन्होंने बहुत अच्छे तरीके से इसका कार्यभार संभाला।
हाल ही में अंशुला कांत को विश्व बैंक का मुख्य वित्तीय अधिकारी और प्रबंध निर्देशक घोषित किया गया है। भारत के लिए बहुत गर्व की बात है कि भारतीय को यह कार्यभार संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। खास करके भारतीय महिलाओं के लिए यह एक प्रेरणा का विषय है। बैंक के अध्यक्ष डेविड माल्पस अंशुला की सराहना करते हुए उन्हें आर्थिक क्षेत्र से जुड़ी जोखिम वित्त पोषण और नियम की अनुपालन परिचालन जैसी समस्याओं में निपटने के लिए माहिर बताया। उन्होंने अंशुला के पद की नियुक्ति करते वक्त अंशुला के 35 साल के करियर की काफी सराहना की। उन्होंने इस बात की उम्मीद भी जताई कि अंशुला की देखरेख में वर्ल्ड बैंक काफी तरक्की भी करेगा। बैंकिंग के क्षेत्र में अंशुला को एक प्रतिष्ठित अधिकारी और अनुभवी महिला के तौर पर देखा जाता है।










