Home #Trending उत्तर प्रदेश में महिलाओं द्वारा संचालित सोलर दुकानें: मुख्यमंत्री युवा साथी योजना...

उत्तर प्रदेश में महिलाओं द्वारा संचालित सोलर दुकानें: मुख्यमंत्री युवा साथी योजना से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

उत्तर प्रदेश में महिलाओं द्वारा संचालित सौर ऊर्जा दुकानें
उत्तर प्रदेश में महिलाओं द्वारा संचालित सोलर दुकानें

उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री युवा साथी योजना के अंतर्गत राज्य में 3,304 सौर ऊर्जा से चलने वाली दुकानों की स्थापना की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को स्वतंत्र, टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल खुदरा व्यवसाय उपलब्ध कराना है, जिससे वे स्वयं का उद्यम चला सकें और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मज़बूती मिले।

🔹 मुख्यमंत्री युवा साथी योजना: महिला सशक्तीकरण की नई पहल

मुख्यमंत्री युवा साथी योजना का मूल उद्देश्य महिलाओं को केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि उन्हें व्यवसाय का स्वामित्व और निर्णय लेने की स्वतंत्रता प्रदान करना है।

योजना के प्रमुख लक्ष्य:

  • महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना
  • सौर ऊर्जा आधारित खुदरा मॉडल को बढ़ावा देना
  • ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को मजबूत करना

चयनित महिलाएं इन सोलर दुकानों का संचालन पूरी तरह स्वतंत्र रूप से करेंगी, जिससे उन्हें आत्मविश्वास और व्यावसायिक स्वायत्तता मिलेगी।

इस योजना को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए जिला स्तर पर महिला उद्यमियों का चयन किया जाएगा।

मुख्य बिंदु:

  • राज्य के 826 ब्लॉकों में प्रत्येक ब्लॉक में चार सौर ऊर्जा इकाइयाँ स्थापित होंगी
  • ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी
  • स्थानीय ज़रूरतों के अनुसार दुकानों का संचालन किया जाएगा

🔹 महिलाओं को मिलेंगे सौर ऊर्जा आधारित आधुनिक उपकरण

इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को Distributed Renewable Energy (DRE) उत्पादों से जोड़ा जाएगा, जैसे:

  • सौर फ्रीजर
  • सौर कोल्ड स्टोरेज
  • सौर आटा चक्की
  • सौर ड्रायर
  • सौर खाद्य प्रसंस्करण मशीनें

ये उपकरण कम लागत में ज़्यादा मुनाफा और टिकाऊ व्यवसाय मॉडल प्रदान करेंगे।

🔹 “सूर्य सखी” और “पर्यावरण सखी” मॉडल

महिला नेतृत्व को मज़बूत करने के लिए सरकार ने सामुदायिक मॉडल अपनाया है।

  • प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक महिला को “सूर्य सखी” नियुक्त किया जाएगा
  • लगभग 10,000 पर्यावरण सखियों का गठन किया जाएगा
  • महिलाएं स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण की ब्रांड एम्बेसडर बनेंगी

इसके साथ ही लखनऊ में एक सौर ऊर्जा उत्पादन इकाई भी स्थापित की जाएगी।

🔹 प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर विशेष फोकस

सरकार द्वारा चयनित महिलाओं को:

  • दुकान प्रबंधन
  • सौर उपकरणों के संचालन
  • व्यवसायिक कौशल
  • वित्तीय साक्षरता

का व्यापक और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे लंबे समय तक सफल उद्यमी बन सकें।

🔹 हरित ऊर्जा और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा

यह योजना कई स्तरों पर लाभकारी है:

  • पारंपरिक बिजली पर निर्भरता में कमी
  • कम परिचालन लागत
  • पर्यावरण के अनुकूल व्यवसाय
  • स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन

साथ ही यह योजना सरकारी उद्यमशीलता और ग्रीन एनर्जी मिशन को भी मजबूती देती है।

🔹 उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) की भूमिका

महिलाओं के स्वरोजगार को बढ़ावा देने में यूपीएसआरएलएम की अहम भूमिका है।

प्रमुख तथ्य:

  • मई 2020 में कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान लॉन्च
  • लक्ष्य: 58,000 बीसी सखियों की नियुक्ति
  • वर्तमान में 38,435 बीसी सखियां कार्यरत
  • IIBF द्वारा प्रशिक्षित और प्रमाणित

यह मॉडल उन क्षेत्रों में वित्तीय सेवाएँ उपलब्ध करा रहा है, जहाँ बैंकिंग सुविधाएँ सीमित हैं।

बीसी सखियों को आर्थिक सहायता

बीसी सखियों को उनके व्यवसाय को स्थिर करने के लिए:

  • पहले 6 महीनों तक ₹4,000 प्रति माह की वित्तीय सहायता
  • यह मॉडल लागत-प्रभावी और दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ साबित हुआ है

उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल महिला सशक्तीकरण, हरित ऊर्जा और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है।
मुख्यमंत्री युवा साथी योजना न केवल महिलाओं को व्यवसाय का अवसर देगी, बल्कि उन्हें स्थायी आजीविका और सामाजिक पहचान भी प्रदान करेगी।

Previous articleBest Work From Home Options for Women in 2026: Flexible & High-Income Ideas
Next articleइंडियन विंटर फैशन फॉर वुमनरू जब गर्माहट मिले स्टाइल और एलिगेंस से