
टोक्यो पैरालंपिक में भारतीय महिला खिलाड़ी रोजाना इतिहास रच रही हैं। भाविनाबेन पटेल के बाद अवनि लेखरा ने शूटिंग में गोल्ड (Avani Lekhara wins Gold Medal) अपने नाम किया है। भारत का यह टोक्यो पैरालंपिक खेलों में पहला गोल्ड मेडल है। 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में भारत की अवनि लेखारा ने क्वालिफिकेशन राउंड में सातवां स्थान हासिल किया।
भारत की ओर से पहली बार पैरालंपिक में हिस्सा लेने वाली अवनि लेखरा ने क्वालीफिकेशन राउंड में 621.7 अंक हासिल किए। इसके बाद उन्होंने फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए 249.6 का स्कोर किया और गोल्ड अपने नाम किया। इस स्कोर के साथ अवनि लेखरा ने वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली।
कौन हैं अवनि लेखरा?
– पैरालंपिक में भारत को गोल्ड मेडल दिलाने वाली अवनि लेखरा का सफर काफी मुश्किलों भरा रहा है। राजस्थान के जयपुर की रहने वाली अवनि ने अपनी पढ़ाई लॉ में पूरी की है।
– 2012 में एक एक्सीडेंट में उनकी स्पाइनल कॉर्ड (रीढ़ की हड्डी) में चोट लग गई, जिसके बाद वो व्हीलचेयर के सहारे ही चल पाती थीं।
– इस हादसे के बाद भी अवनि लेखरा ने हार नहीं मानी और शूटिंग में किस्मत आजमाई।
– इसके बाद 2015 में अवनि ने जयपुर के जगतपुरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में शूटिंग की प्रैक्टिस शुरू कर दी।
– 2015 से लगातार प्रैक्टिस करने के बाद अवनि ने टोक्यो पैरालंपिक में किस्मत आजमाई और गोल्ड अपने नाम किया।
एक किताब ने बढ़ाई हिम्मत
अपने एक इंटरव्यू में अवनि ने कहा था कि रोड एक्सीडेंट के बाद उनके पिता चाहते थे कि वो शूटिंग और तीरंदाजी की प्रैक्टिस करें। पिता के हौंसला बढ़ाने के बाद अवनि ने ऐसा ही किया, लेकिन उन्हें तीरंदाजी से ज्यादा शूटिंग में मजा आया। उन्होंने कहा कि शूटिंग की प्रैक्टिस और आगे बढ़ने की हिम्मत उन्हें अभिनव बिंद्रा की किताब से मिलती है।










