आलिया भट्ट के नए विज्ञापन ने सोशल मीडिया को दो भागों में विभाजित कर दिया है। हम बात कर रहे हैं मोहे फैशन की नए विज्ञापन की जिसमे दुल्हन के लिबाज़ में, आलिया कन्यादान जैसी पुरानी परंपरा पर सवाल करती हुई दिख रही है।
आलिया भट्ट ने इस विज्ञापन में सवाल उठाया है की “क्या मैं दान की जाने वाली वस्तु हूँ? मतलब जिस परिवार में बेटी पैदा होती है। लाड प्यार से पलती है शादी के समय उन बेटियों का कन्यादान ही क्यों किया जाता है ?
इस विज्ञापन के आखिर में आलिया भट्ट ने लोगो को कन्यामान का एक नया सुझाव भी सामने रखा।
बस फिर क्या था कन्यादान और कन्यामान के नाम पर सोशल मीडिया पर युद्ध छिड़ गया।
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जहां कई प्रशंसकों ने विज्ञापन की सराहना की और इसे ‘आधुनिक अवधारणा’ कहा, वहीं कुछ लोगों ने इसे ‘जागृत नारीवाद’ होने के लिए हमला किया। किसी यूजर को कांसेप्ट प्यारा लगा। किसी ने लिखा कि वास्तव में यह अधिक सुंदर विज्ञापन है और जितनी भी लाइनें आलिया ने बोली है सच है और हर लड़की को ये बात महसूस होती है कभी न कभी कहीं न कही, आलिया ने जो भी कहा है वह सच है। हर लड़की ने अपने जीवन में इसे एक बार महसूस किया है, इस विज्ञापन को सुनने और देखने के बाद हर लड़की को ये विज्ञापनअच्छा लगा।
बात बस यहीं ख़त्म नहीं हुई है दूसरी तरफ है वो यूजर जिन्हे ये विज्ञापन बिलकुल पसंद नहीं आया। इस विज्ञापन को कई यूजर ने हिन्दू धर्म का अपमान कहा है।










