
भारत अक्सर विश्व स्तर पर पाकिस्तान के बयानों की अनदेखी करता आया है। पर इस बार एक भारतीय राजनयिक स्नेहा दुबे ने UNGA में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को ‘जवाब देने’ के अधिकार का प्रयोग करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दे डाली। स्नेहा दुबे ने पाकिस्तान के ऊपर 9/11 हमले के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को पनाह देने का आरोप भी लगाया, जिसे अमेरिकी विशेष बलों ने 2011 में पाकिस्तान के शहर एबटाबाद में छापेमारी में मार गिराया था।
भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN General Assembly) में अपने संबोधन में कश्मीर का मुद्दा उठाते हुए प्रधानमंत्री इमरान खान के द्वारा देश के खिलाफ किए गए हमले के जवाब में पाकिस्तान को आतंकवाद का संरक्षक और अल्पसंख्यकों का दमन करने वाला बताया।
संयुक्त राष्ट्र में भारत की पहली राजनयिक स्नेहा दुबे ने पाकिस्तान के जवाब का खंडन करते हुए यह भी कहा, “यह वह देश है जो एक आगजनी करने वाला है और सारी दुनिया के सामने खुद को एक अग्निशामक के रूप में प्रस्तुत करता है। पाकिस्तान अपने पिछवाड़े में आतंकवादियों को इस उम्मीद में पालता है कि वे केवल अपने पड़ोसियों को नुकसान पहुंचाएंगे। हमारे क्षेत्र और वास्तव में पूरी दुनिया को उनकी नीतियों के कारण नुकसान उठाना पड़ा है। दूसरी ओर, वे अपने देश में सांप्रदायिक हिंसा को आतंकवादी गतिविधियों के रूप में छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।”
संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत की प्रथम सचिव स्नेहा दुबे ने पाकिस्तान के पीएम इमरान खान को आईना दिखाया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग थे, हैं और रहेंगे। इसमें वे क्षेत्र शामिल हैं जो पाकिस्तान के अवैध कब्जे में हैं। हम पाकिस्तान से उसके अवैध कब्जे वाले सभी क्षेत्रों को तुरंत खाली करने का आह्वान करते हैं। स्नेहा दुबे के इस भाषण के बाद लोग एक बार फिर भारत की नारी शक्ति को सलाम कर रहे हैं। VIDEO देखें …
यह एक ऐसा देश (पाकिस्तान) है जो खुद को फायर फाइटर बताकर आगजनी करता है : स्नेहा दुबे, संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रथम सचिव@MEAIndia pic.twitter.com/td48oDowzz
— प्रसार भारती न्यूज सर्विसेज (@PBNS_Hindi) September 25, 2021
संयुक्त राष्ट्र की भरी महासभा में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को दो टूक बातें सुनाने वाली यह महिला आखिर कौन है? आइये मिलते हैं इस तेज तर्रार अधिकारी स्नेहा दुबे से।
स्नेहा दुबे 2012 बैच की भारतीय विदेश सेवा अधिकारी (Indian Foreign Service – IFS) हैं, और उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा गोवा से पूरी की है। इसके बाद उन्होंने पुणे के फर्ग्यूसन कॉलेज में अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त की और अंत में दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज से एमफिल किया।
जब स्नेहा 12 वर्ष की थी, तब से ही उनका सपना था कि वह भारतीय विदेश सेवा में शामिल हों और वर्ष 2011 में अपने पहले प्रयास में ही सिविल सेवा परीक्षा पास की।
स्नेहा दुबे अपने परिवार में सरकारी सेवाओं में शामिल होने वाली पहली हैं। उनके पिता एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते हैं जबकि उनकी मां एक स्कूल टीचर हैं।
विदेश सेवा के लिए चुने जाने के बाद स्नेहा दुबे की पहली नियुक्ति भारत सरकार के विदेश मंत्रालय में हुई। फिर अगस्त 2014 में उन्हें मैड्रिड स्थित भारतीय दूतावास भेज दिया गया।
स्नेहा दुबे फिलहाल वर्तमान में, संयुक्त राष्ट्र में भारत की पहली राजनयिक सचिव हैं।
वह कहती हैं कि, अंतरराष्ट्रीय मामलों के बारे में सीखना, नई संस्कृतियों की खोज करने का रोमांच, देश का प्रतिनिधित्व करना, महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णयों का हिस्सा बनने और लोगों की मदद करने के लिए विदेशी सेवाओं में शामिल होने की प्रेरणा मिली।
घूमने-फिरने की शौकीन स्नेहा दुबे एक उत्साही यात्री हैं और उनका मानना है कि एक आईएफएस अधिकारी के रूप में, उन्हें भारत का प्रतिनिधित्व करने का एक शानदार अवसर मिला है।










