
द लीला होटल रेजिडेंस, एंबियंस गुड़गांव में अभिनेत्री सिमोन सिंह ने रविवार को ग्रुप ए से राखी सिंह, मिताली गुप्ता और ज्योति मीना विजेता और ग्रुप बी से राशिका माथारू, विभा प्रभाकर और पल्लवी नौटियाल को विजेता का ताज पहनाया.
जब कार्यक्रम के छठे संस्करण का समापन हुआ तो इस दौरान 80 प्रतियोगियों ने कोरियोग्राफर शी लोबो के निर्देशन में रैंप पर वॉक किया. बता दें कि 5200 प्रतियोगियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया, जिसमें से 80 महिलाओं का चुनाव किया गया.
ग्लैमर गुड़गांव की निदेशक बरखा नांगिया ने कहा, “दिल्ली-एनसीआर में रहने वाली 45 वर्ष की आयु तक की महिलाएं, जिनकी हाइट 5 फीट और उससे अधिक ऊंचाई थी, ऑडिशन में भाग लेने के लिए पात्र थीं. इस वर्ष प्रतियोगिता का विषय ब्रेस्ट कैंसर था, जो आज के समय में महिलाओं के बीच एक खतरनाक मुद्दा है.
इस शो को जज करने के लिए अभिनेत्री सिमोन सिंह आईं, इनके अलावा नम्रता सेनानी गर्ग (दिल्ली एनसीआर 2017), आकाश के अग्रवाल (ज्वेलरी डिजाइनर), यास्मीन मिस्त्री जूरी पैनल में थीं.
इससे आगे बरखा नांगिया कहती हैं कि हर बीतते साल के साथ, इस कार्यक्रम में अविश्वसनीय प्रतिक्रिया देखी जा रही हैं. “सभी कठिनाइयों के बावजूद, इन महिलाओं ने अपने लक्ष्य के प्रति जबरदस्त समर्पण दिखाया है. ये फाइनलिस्ट क्रेम डे ला क्रीम हैं और श्रीमती दिल्ली-एनसीआर के आयोजकों के रूप में, हम उनमें विश्वास जगाने और उन्हें समाज के लिए अधिक से अधिक योगदान देने में सक्षम बनाने का प्रयास करते हैं.
नांगिया ने कहा, यह पेजेंट आधुनिक महिलाओं के सार का सम्मान करता है, उन्होंने कहा, “विवाहित महिलाओं को ज्यादातर घर छोड़ने से पहले बहुत कुछ सोचना पड़ता है. इसलिए, यहां का उद्देश्य प्रतियोगियों में आत्मविश्वास जगाना है ताकि वे भाग ले सकें और दुनिया को अपनी स्किल्स का प्रदर्शन दिखा सकें.
जरूरी नहीं है कि सभी महिलाएं सिर्फ इंडस्ट्री में काम करने के मकसद से हिस्सा लें, कभी-कभी ये शो महिलाओं की निजी जिंदगी में भी उन्हें दिशा देता है. यह उनके व्यक्तित्व को मजबूत करने के साथ-साथ पेशेवर रूप से सशक्त बनाता है.
नम्रता सेनानी गर्ग ने एलजी, अपोलो फार्मेसी और फर्न्स एन पेटल्स जैसी कंपनियों के साथ काम किया है. पेजेंट के बारे में बात करते हुए, सिंह ने कहा, “मैं न केवल इस तरह के आयोजन का हिस्सा बनकर आभारी महसूस कर रहा हूं बल्कि स्मार्ट महिलाओं के ग्रूप को देखकर रोमांचित हूं. यह प्रतियोगिता महिलाओं के लिए चमकने का अवसर देती है.
इस ताज की दौड़ में, महिलाओं ने 15-18 दिसंबर तक सॉफ्ट कम्युनिकेशन ट्रेनिंग, मशहूर फैशन डिजाइनरों के साथ ग्रूमिंग सेशन, इमेज कंसल्टेशन और गहन प्रशिक्षण लिया. इसके अलावा फोटोशूट और मेकअप सेशन भी आयोजित किए गए. उनके स्वास्थ्य की स्थिति को समझने में मदद करने के लिए सत्र भी आयोजित किए गए थे. निदेशक बरखा नांगिया ने कहा, मेरा मानना है कि ये सभी चीजें उन्हें तैयार करेंगी और उन्हें इंडस्ट्री में काम दिलाने में मदद करेंगी. लेकिन, सबसे महत्वपूर्ण चीज इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प है, जिस पर उन्हें काम करने की जरूरत है.










