
महिला विश्व कप विजेता भारतीय क्रिकेटर प्रतिका रावल हाल ही में अपनी एडिट की गई तस्वीरों के सोशल मीडिया पर वायरल होने को लेकर नाराज़गी जाहिर करते हुए सुर्खियों में हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि उन्होंने अपनी किसी भी तस्वीर को एडिट, मॉडिफाई या बदलने की अनुमति नहीं दी है, चाहे वह पहले पोस्ट की गई हों या भविष्य में की जाएँ।
भारत की ऐतिहासिक विश्व कप जीत के बाद प्रतिका रावल की लोकप्रियता तेज़ी से बढ़ी, लेकिन इसी के साथ उनकी कई तस्वीरें बिना अनुमति बदली गईं और सोशल मीडिया पर शेयर की गईं, जिससे यह मामला महिला खिलाड़ियों की निजता और AI के दुरुपयोग पर एक अहम बहस बन गया है।
X पर प्रतिका रावल की कड़ी प्रतिक्रिया
प्रतिका रावल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए स्पष्ट किया कि वह अपनी किसी भी फोटो को एडिट करने की इजाज़त नहीं देतीं। उन्होंने कहा कि डिजिटल स्पेस में भी व्यक्तिगत सहमति और निजता का सम्मान किया जाना चाहिए।
AI प्लेटफॉर्म Grok से की सीधी अपील
इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए प्रतिका ने AI असिस्टेंट Grok को टैग कर अपील की कि यदि कोई भी थर्ड पार्टी उनकी तस्वीरों को एडिट या बदलने का अनुरोध करे, तो उसे साफ़ तौर पर अस्वीकार किया जाए।
Grok ने दिया निजता के सम्मान का भरोसा
AI प्लेटफॉर्म Grok ने प्रतिका रावल की अपील का जवाब देते हुए आश्वासन दिया कि वह उनकी निजता का पूरा सम्मान करेगा और बिना अनुमति उनकी किसी भी तस्वीर में बदलाव नहीं किया जाएगा। यह प्रतिक्रिया AI प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी और नैतिकता को लेकर एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
क्यों है यह मामला अहम?
यह घटना डिजिटल युग में महिला एथलीटों की गोपनीयता, ऑनलाइन सहमति और AI टूल्स के नैतिक उपयोग पर कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े करती है। खासकर महिला खिलाड़ियों के लिए, यह मामला बताता है कि लोकप्रियता के साथ-साथ डिजिटल सुरक्षा और सम्मान भी उतना ही ज़रूरी है।
प्रतिका रावल का यह कदम न केवल उनके व्यक्तिगत अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि यह महिला खिलाड़ियों, कंटेंट क्रिएटर्स और आम लोगों के लिए भी एक मजबूत संदेश है कि AI और टेक्नोलॉजी का उपयोग सम्मान और सहमति के साथ होना चाहिए।










