
रेखा एक ऐसा नाम, जिसकी आवाज और खनक हर जगह बिखरी हुई है। लेकिन जब भी यह शक्ल पर्दे पर आती है तो महसूस होती है, चुपचाप दबे पांव चली आ रही एक खामोशी।
हिंदी सिनेमा की खूबसूरत अदाकारा जिनका नाम है, रेखा। रेखा के बारे में जब भी बात शुरू होती है तो सबसे पहले शुरुआत होती है उनकी अदाकारी की, उनकी खूबसूरती की और उसके बाद बात आती है उनके टूटे रिश्तों की। उनकी जिंदगी में बहुत सा दर्द है। यह बात हम सबको मालूम है, और कई बार रेखा ने दबे शब्दों में इसे पर्दे पर बताया भी है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं और यह बात बहुत सोचने वाली है कि रेखा की जिंदगी में यह दर्द भरी शुरुआत हुई कहां से?
View this post on Instagram
आज रेखा जी जिस मुकाम पर हैं, वहां पहुंचने के लोग सपने देखते हैं। आज रेखा जहां पर हैं वहां पर पहुंचना आसान भी नहीं है। रेखा की जिंदगी में पर्दे पर अदाकारी की शुरुआत महज 13 साल की उम्र से हुई। इस उम्र में जहां बच्चे आइसक्रीम खाते हैं, स्कूल जाते हैं और अपने दोस्तों के साथ मौज मस्तियां करते हैं। उस उम्र में रेखा ने अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाली थी, और वह पूरी तरह से सिनेमा में आ चुकी थीं। एक छोटे से किरदार के साथ रेखा ने अपनी शुरुआत की थी। रेखा ने एक चैट शो में कहा था, “कि मैंने अपने करियर की शुरुआत जरूर कर दी थी, लेकिन मैं कभी भी 13 साल की उम्र में काम नहीं करना चाहती थी। मैं एक बहुत बड़े सितारे जेमिनी गणेशन की बेटी थी। लेकिन परिवार के हालात ऐसे थे कि मुझे हिंदी सिनेमा में परिवार का पालन पोषण करने के लिए उतरना पड़ा।” रेखा के पिता ने उन्हें कभी अपनाया नहीं, इस बारे में भी रेखा ने दबे शब्दों में कहीं ना कहीं जिक्र जरूर किया है। रेखा के पिता बहुत बड़े सुपर स्टार थे, दुनिया उन्हें जानती थी और रेखा उनकी बेटी थीं, इस बात से रेखा बखूबी वाकिफ थी।
पर्दे की उमराव जान ने अपने करियर की शुरुआत, तमिल फिल्मों से की। लेकिन इस शुरुआत का आगाज और इसको अंजाम तक पहुंचाया हिंदी सिनेमा ने। हिंदी सिनेमा में जब रेखा आईं तो उनको आसानी से एक्सेप्ट नहीं किया गया। उन्हें उनके सांवलेपन की वजह से नकारा जाता था, यह बात रेखा के मन में घर कर गयी। लेकिन एक स्टार उनके अंदर बसा हुआ था। और यही खूबी थी की रेखा ने अपने आपको बदला, और इस तरह से बदला की वह एक दिन उमराव जान भी बन गईं। हिंदी सिनेमा ने रेखा को जो दिया उसके लिए वह हमेशा ही शुक्रगुज़ार रहीं। यह बात अलग है की शुरआती दौर में उनको यह पसंद नहीं था। लेकिन वो धीरे धीरे इस सिनेमा में रम गईं।
View this post on Instagram
रेखा की असल जिंदगी में कई सारे राज छिपे हुये हैं। रेखा की जिंदगी में कई रिश्ते आये। एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उनकी मुलाकात अमिताभ बच्चन से हुई। रेखा ने एक इंटरव्यू में अपनी इस शूटिंग का अनुभव शेयर करते हुए कहा था, “जब मैंने अमित जी को पहली बार देखा तो मेरे होश उड़ गए। वैसे मैं काम के मामले में उनसे सीनियर हूँ, पर फिल्म की शूट के दौरान मैं अपने कई डायलॉग भूल गई। तब अमित जी पास आये और कहा, ऐसा है मैडम अपने डायलॉग याद कर लीजिएगा।” रेखा ने इस बात को बहुत पोसिटिव लिया और सबसे ज्यादा उनकी जिंदगी में किसी का असर हुआ है, तो वह मिस्टर अमिताभ बच्चन है। रेखा ने आगे कहा, “ईश्वर ने सुलझे हुए इंसान और अनुशासन की पोटली बना कर अमित जी जैसे इंसान के अंदर डाल दी है।”
View this post on Instagram
उनकी शादी 1990 में मुकेश अग्रवाल के साथ हुई पर दुर्भाग्य से एक साल के अंदर ही पति की मौत से रेखा की जिंदगी बदल गई। रेखा ने कैसे भी करके यह बर्दाश्त कर लिया और उन्होंने अपनी जिंदगी को आगे बढ़ाना फिर से शुरू किया। लेकिन उसके बाद उनकी जिंदगी में कई नाम जुड़े पर कभी कोई नाम रिश्ते में नहीं बदला। बकौल रेखा की जिंदगी खुली किताब है, लेकिन उनकी जिंदगी के सफर में आज भी खामोशियां बरकरार हैं।
वैसे रेखा की जिंदगी में सत्ता के गलियारों की आहट भी आई। वो आज भी कांजीवरम की साड़ी पहने सिंदूर लगाए नजर आती हैं। लेकिन उनके चेहरे, हंसी और उनकी आंखों में तैरती एक खामोशी आज भी साफ़ दिखाई देती है। उनकी इसी ख़ामोशी को देखकर, सहरयार ने मानो फिल्म उमराव जान का एक गीत जैसे रेखा के लिए ही लिखा था। “इन आंखों की मस्ती के मस्ताने हजारों हैं”..
View this post on Instagram
View this post on Instagram










