
विभिन्न विचारधाराओं को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से एचटीबीसी स्टडी सर्कल ने अरोमा होटल में 01 दिसंबर 2022 को ‘न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका की भूमिका’ शीर्षक से एक सेमिनार का आयोजन किया गया। संगोष्ठी के मुख्य अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता राजविंदर सिंह बैंस, डॉ हर्षवर्धन सिंह और श्री राजीव गुप्ता थे।
संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद एचटीबीसी के दिवंगत अध्यक्ष श्री सुभाष लूथरा जी को सभी उपस्थित सदस्यों द्वारा दो मिनट का मौन रख कर श्रद्धांजलि दी गई।

हाल ही में भारत के राष्ट्रपति महामहिम द्रौपदी जी द्वारा जेलों की संख्या बढ़ाने पर अपने विचारों से राजेंद्र मोहन कश्यप जी द्वारा संगोष्ठी की शुरुआत की गई। तत्पश्चात एडवोकेट राजविंदर सिंह जी ने भारतीय न्याय व्यवस्था और अदालतों के साथ-साथ संविधान के अनुसार पुलिस की भूमिका पर व्याख्यान दिया। उनके व्याख्यान के दौरान उपस्थित सदस्यों द्वारा प्रश्न किए गए, जिनका राजविंद्र जी ने विभिन्न उदाहरणों के साथ उत्तर दिया।
इसके बाद डॉ. हर्षवर्धन ने हमारी न्याय व्यवस्था और प्रक्रिया पर भारतीय राजनीति के प्रभावों पर अपने विचार रखे। अंत में राजीव गुप्ता जी ने अपने विचारों में कहा कि देश में जहां मौलिक अधिकारों की बात होती है, वहीं साथ में मौलिक कर्तव्यों की भी बात होनी चाहिए.
उपस्थित सदस्यों में इस संगोष्ठी को लेकर उत्सुकता देखी गई और सभी ने इसे एचटीबीसी स्टडी सर्कल की एक सार्थक पहल बताया। राजेश सूद ने एचटीबीसी स्टडी सर्कल के इस प्रयास को सफल बनाने के लिए मुख्य अतिथियों के साथ-साथ उपस्थित सभी सदस्यों को धन्यवाद देते हुए सम्मेलन का समापन किया।हमेशा की तरह, HTBC के मेहनती स्वयंसेवकों की टीम ने इस आयोजन का समर्थन किया। राज रेणु, कमल प्रकाश गोयल, कुरील वी कुमार, शाद अहमद, सुनीता नांबियार ।










