
केंद्रीय बजट 2026 में महिलाओं को आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाने पर विशेष फोकस किए जाने की संभावना है। वित्त वर्ष 2027 के लिए प्रस्तावित इस बजट में सरकार महिला-केंद्रित योजनाओं की घोषणा कर सकती है, जिनका उद्देश्य वित्तीय समावेशन को सार्वभौमिक स्तर तक पहुँचाना और उसे और मज़बूत बनाना है।
सूत्रों के अनुसार, जन धन खातों के माध्यम से महिलाओं के लिए क्रेडिट और बीमा सुविधाओं को बेहतर ढंग से जोड़ने पर विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही बीमा दावों सहित एक मज़बूत और पारदर्शी शिकायत निवारण तंत्र विकसित करने की दिशा में भी कदम उठाए जा सकते हैं।
जानकारी रखने वाले अधिकारियों का कहना है कि बजट में कस्टमाइज़्ड क्रेडिट कार्ड, महिलाओं के लिए विशेष लोन प्रोडक्ट्स और महिला-केंद्रित बीमा योजनाएँ प्रमुख घोषणाओं में शामिल हो सकती हैं। ये पहलें वित्त वर्ष 2026 के बजट में घोषित उपायों—जैसे ग्रामीण क्रेडिट स्कोर और पहली बार उद्यम शुरू करने वाली महिलाओं के लिए क्रेडिट सपोर्ट—को आगे बढ़ाने का काम करेंगी।
एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक,
“ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय उद्यमों और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की ऋण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भी कई प्रभावी उपायों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।”
नीति आयोग द्वारा पीएमजेडीवाई की समीक्षा
सरकार जन सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत बीमा कवरेज बढ़ाने और पॉलिसीधारकों को अधिक सुरक्षा के विकल्प उपलब्ध कराने पर भी मंथन कर रही है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) की प्रभावशीलता का आकलन करने के लिए नीति आयोग द्वारा समीक्षा की जा रही है, ताकि विशेष रूप से महिलाओं तक वित्तीय सेवाओं की पहुँच और सुदृढ़ की जा सके।
इन संभावित घोषणाओं के माध्यम से सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और देश में सशक्त, समावेशी एवं टिकाऊ वित्तीय प्रणाली की नींव को और मज़बूत करना है।










