
बेंगलुरु के मल्लेश्वरम की सात वर्षीय आध्या अरविंद शंकर ने सितंबर में ग्लोबल पीस फोटो अवार्ड के बच्चों की श्रेणी में पीस इमेज ऑफ द ईयर का पुरस्कार जीता। उसने अपनी माँ के कैमरे से जो तस्वीर खींची, वह उसे ऑस्ट्रियाई संसद में ले गई, जहाँ उसे एक डिप्लोमा, एक मैडल और 1,000 यूरो का चेक मिला।
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलोर स्थित हेब्बल शहर के विद्यानिकेतन स्कूल की दूसरी क्लास में पढ़ने वाली, आध्या ने यह पुरस्कार जीतकर वह ग्लोबल पीस फोटो अवॉर्ड जितने वाली पहली भारतीय बन गई है। ‘लैप ऑफ पीस’ थीम केटेगरी में अपनी मां को अपनी दादी की गोद में आराम करते हुए खींची गई उसकी ब्लैक एंड वाइट फोटो को यह पुरस्कार मिला है।
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपे उनके इंटरव्यू में आध्या ने कहा, “वह अपनी मां की गोद में इतनी शांत लग रही थीं। मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि मेरी तस्वीर चुनी गई है।”
https://twitter.com/unesconewdelhi/status/1440631711734263815
उसके माता-पिता ने कहा कि आध्या फोटोग्राफी में तब से है जब वह केवल चार साल की थी। वह अपनी मां के फोन के कैमरे से जो कुछ भी दिलचस्प लगता उसे कैद कर लेती थी, और बाद में उसके पिता उसकी फोटोज को कई फोटोग्राफी प्रतियोगिताओं में भेजते थे।
सितंबर महीने में आध्या और उनकी मां ने पुरस्कार समारोह के लिए ऑस्ट्रियाई में वियना की यात्रा की। यूनेस्को ने आध्या को सोशल मीडिया पर बधाई दी और उनकी उपलब्धि की सराहना की।
यूनेस्को और ऑस्ट्रियाई संसद के साथ साझेदारी में यह पुरस्कार उन तस्वीरों को दिया जाता है जो शांतिपूर्ण दुनिया के लिए मानवीय प्रयासों को प्रदर्शित कर सकती हैं।
A very emotional award ceremony it was indeed at the Austrian Parliament last night. The image shows seven-year-old Aadhyaa Aravind Shankar from India receiving the Children Peace Image of the Year Award…https://t.co/WzrOaSeDQy pic.twitter.com/mtG6uwG8G4
— Gerd Ludwig (@GerdLudwig) September 22, 2021










