
शाहजहां द्वारा अपनी पत्नी मुमताज की याद में बनवाई गई, विश्व के सात अजूबों में से एक बेमिसाल और खूबसूरत ताजमहल को आज देखते हैं। उत्तर प्रदेश के आगरा में मौजूद ताजमहल आज पूरी दुनिया के सबसे फेमस टूरिस्ट डेस्टिनेशन में से एक है। इस इमारत की अपनी भव्य ऐतिहासिक सुंदरता ही नहीं बल्कि इसकी वास्तुकला भी आपको अचरज में डाल देगी।
वैसे तो आप ताजमहल किसी भी सीजन में विजिट कर सकते हैं। लेकिन यहां पर आने का सबसे बेस्ट टाइम नवंबर से लेकर फरवरी का माना जाता है। अगर आप दिल्ली से होकर आगरा जा रहे हैं, तो बस और ट्रेन दोनों ही आपके लिए बेस्ट ऑप्शन रहेंगे। सुबह दिल्ली से कई ट्रेन आगरा के लिए है, तो आप ट्रेन से आकर अपना कुछ टाइम बचा सकते हैं। आगरा रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर जैसे ही आप बाहर निकलेंगे तो ऑटो रिक्शा, टैक्सी बाहर लाइन से खड़े मिलेंगे। इन सबके रेट रेलवे स्टेशन से ताजमहल तक जाने के अलग-अलग हैं। अगर आप अकेले हैं तो शेअर ऑटो या फिर ई रिक्शा ले सकते हैं। और अगर फैमिली के साथ हैं तो छोटी ऑटो बुक कर के ताजमहल के गेट तक जा सकते हैं। ताज महल गेट से अंदर टिकट काउंटर तक जाने के लिए आपको पैदल ही चलना पड़ेगा। या फिर बैटरी ऑपरेटेड इको फ्रेंडली वेन के जरिए भी आप टिकट काउंटर तक पहुंच सकते हैं।
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टिकट लेने के लिए यहाँ लोगों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहती हैं, इसलिए अपना टाइम और एनर्जी बचाने के लिए ताजमहल की वेबसाइट से ऑनलाइन टिकट बुक करा लें। ताजमहल में एंट्री के दो गेट हैं, ईस्ट गेट और वेस्ट गेट। दोनों ही गेट पर टिकट विंडो के साथ-साथ क्लॉक रूम भी अवेलेबल है। जहां आप अपना एक्स्ट्रा लगेज जमा करा सकते हैं। ताजमहल में भारतीय को जाने के लिए ₹50 और विदेशी टूरिस्टों के लिए ₹1100 टिकट प्राइस है। 15 साल से कम उम्र के बच्चों की एंट्री यहां पर फ्री है। सफेद मकबरे मकबरे तक जाने के लिए एक शू कवर खरीदना ना भूलें। जिसे अपने जूतों के ऊपर पहनकर ही आप ऊपर मकबरे तक जा पाएंगे।
ताजमह केवल फ्राइडे को छोड़कर हफ्ते के किसी भी दिन जा सकते हैं, क्यूंकि ताजमह इस दिन बंद रहता है। यहां पर घूमते हुए अगर आपको प्यास लग जाए तो अंदर कैंपस में ही फिल्टर्ड पानी की सुविधा है। ताजमहल एक व्हीलचेयर एक्सेसिबल कैंपस है, जिससे विकलांग व्यक्तियों को यहां पर कोई दिक्कत नहीं होती है।
सुंदरता के साथ-साथ ताजमहल की वास्तुकला इसके अजूबों में से एक है, जो आपको एंट्रेंस पर ही दिख जाएगी। जहां प्रवेश द्वारों पर उकेरी गई कुरान की आयतें, नीचे से लेकर ऊपर तक देखने में एक ही आकार की लगती है। इसके अलावा ताजमहल को चारों तरफ से कहीं से भी देखने पर यह बिलकुल एक जैसा ही लगता है। जैसे ही आप अंदर एंट्री लेंगे आपको सफेद संगमरमर से तराशी गई एक भव्य और खूबसूरत इमारत दिखाई देगी। प्रेम के इस अद्भुत प्रतीक ईमारत को बनाने के लिए शाहजहां ने इटली से लेकर परसिया तक के एक्सपर्ट कारीगर बुलवाएं थे। यहां संगमरमर के पत्थरों पर बारीक नक्काशी के अलावा ताजमहल में मौजूद कीमती पत्थरों की पच्चीकारी भी यहां पर देश विदेशों से आने वाले टूरिस्टों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करती है। यमुना नदी के किनारे बने इस ताजमहल का निर्माण 1631 में शुरू हुआ था और करीब बीस हजार मजदूरों की दिन रात मेहनत से 22 साल बाद यह तैयार हुआ।
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ताजमहल कैंपस के अंदर ही एक संग्रहालय है, जिसको 1982 में बनाया गया। ताजमहल संग्रहालय में पांडुलिपियाँ, पुराने चित्र, शाही राज दरबार के आदेश, शस्त्र, रसोई के बर्तन और मुगल काल के सिक्के देखने को मिलेंगे। ताजमहल के साउथगेट गेट से बाहर एक मार्केट है, जहां से घर को सजाने की वस्तुएं, चप्पल और सैंडल और ताजमहल का छोटा मिनी मॉडल मिल जायेगा।
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