
Hemlata Gautam
स्ट्रेस अपने आप में बहुत बड़ी नेगेटिव फीलिंग है। जिसे सिर्फ और सिर्फ पॉजिटिव सोच के साथ ही बदला जा सकता है। मुझे लगता है की स्ट्रेस से बचने से के लिए सबसे पहला कदम है कि आप स्वीकार करें की आप स्ट्रेस में हैं। हम में से बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो पूरा दिन गुस्से में रहते हैं। गुस्से से हर बात में बड़बड़ करते हैं। या कुछ जो बिलकुल चुपचाप रहना शुरू कर देते हैं। अकेले अपने आप में कहीं गुम रहने लगते हैं। अपने अंदर के कॉन्फिडेंस यानि आत्मविश्वास को खोने लगते हैं। आप माने या माने ये सब स्ट्रेस की ही निशानियां हैं।
जाने क्या हैं स्ट्रेस से बचने के तरीके।
अगर आप स्ट्रेस को अपनी ज़िन्दगी के किक आउट करना चाहते हैं, तो सबसे पहले उन लोगो से बात करना शुरू करें जिनसे बात करके आपको ख़ुशी मिलती है। वो कोई भी हो सकता है आपका कोई पुराना दोस्त, या कोई फॅमिली मेंबर। नहीं है तो स्कूल या किसी कॉलेज फ्रेंड का कांटेक्ट ढूंढ ले इसी में भलाई है।
जो लोग सिर्फ और सिर्फ नेगेटिव बातें और रोने धोने के लिए बने हैं। उनकी बात सुनने की जगह कान में रुई डाल लें। डस्टबिन न बने की रोज़ रोज़ कोई आपको अपनी दुःख भरी कहानी सुनने वाला वो गड्ढा समझ ले जिसे वो अपनी कहानी सुनाने के बाद बंद कर देता है।
पुरे दिन में 6 से 7 घंटे की हेल्दी स्लीप लें। दिन में नींद की झपकी यानि नैप भी ज़रूरी है। इससे भी बात न बने तो तब तक घोड़े बेच के सोओ जब तक रिलेक्स फील न हो। पर कभी कभी वरना आप सोते रह जायँगे और आलस आपको घेर लेगा।
बच्चो के साथ खेलकूद करके भी आप रिलेक्स फील कर सकते हैं। पूरे दिन की भाग दौड़ के बाद बच्चों की इनोसेंट स्माइल किसी दवा से कम नहीं है।
किताबों को अपना दोस्त बनाएं। जो भी कुछ आपको पसंद है वो पढ़ना शुरू करें। इससे आपका ध्यान स्ट्रेस से दूर होगा।
योगा, मैडिटेशन, और वॉक या फिर डांस का सहारा ले। शरीर से पसीना बहाकर आप बहुत हल्का और रिलेक्स महसूस करंगे।
अगर पूरा दिन घर के काम काज में गुजरता है। जिससे आपको गुस्सा आने लगा है तो बैकग्राउंड में म्यूजिक चला लीजिये। कोई भी म्यूजिक जो आपके चेहरे पर स्माइल ला सके। म्यूजिक थेरपिस्ट भी यही मानते हैं की म्यूजिक कई परेशानियों का अचूक तोड़ है।
ट्राई करें ये टिप्स और मुझे बताएं अपना एक्सपीरियंस …
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