आवाज़ ऐसी की दिल को छू जाए। जी हाँ उनकी आवाज़ ही उनकी पहचान है। भारतरत्न से सम्मानित स्वर-कोकिला लता मंगेशकर देश और देशवासिओं के लिए किसी अनमोल रत्न से कम नहीं है। आज, 28 सितंबर को उनके जन्म की 88वीं वर्षगांठ है। लता मंगेशकर वो नाम है जिसे सुनते ही कानों में उनकी दिलकश आवाज़ बेहने लगती है।
भारत रत्न लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1929 को मध्य प्रदेश के इंदौर में हुआ। उनके पिता का नाम दीनानाथ मंगेशकर था, जो कि रंगमंच के कलाकार और गायक थे। लता जी का पहला नाम ‘हेमा’ था, मगर बाद में माता-पिता ने इनका नाम ‘लता’ रख दिया था।
दुनिया मे सबसे अधिक गीत गाने के लिए 1974 में लता मंगेशकर का नाम गिनीज़ वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। सिर्फ भारतीय ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लोग लता की आवाज़ के दीवाने हैं।
लता मंगेशकर को क्रिकेट का बेहद शौक है और वो सचिन तेंदुलकर को खासा पसंद करती हैं। लता मंगेशकर को जासूसी उपन्यास पढ़ना बहुत अच्छा लगता है. उनके पास शरलॉक होम्स का पूरा संग्रह है।
लता मंगेशकर कई सारे ट्रस्ट चलाती हैं. ‘मास्टर दीनानाथ अस्पताल’ में गरीबों का मुफ्त इलाज होता है। एक बहुत ही दिलचस्प बात जो शायद आपको न पता हो, कि लता जी हमेशा नंगे पांव गाना गाती हैं। वो कभी रिकॉर्डिंग स्टूडियो में चप्पलें पहन कर नहीं जाती हैं।
1949 में आई फिल्म ‘महल’ का गाना ‘आएगा आनेवाला’ सुपर डुपर हिट रहा. इस गाने ने लता जी को खासा फेम दिलाया. इसके बाद तो उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
जब लता जी 13 साल की थीं तब उनके पिता का देहांत हो गया. परिवार की तंगी दूर करने के लिए लता जी को कुछ हिन्दी और मराठी फिल्मों में काम करना पड़ा. अभिनेत्री के तौर पर लता मंगेशकर की पहली फिल्म थी ‘पाहिली मंगलागौर’ (1942). लता जी को पहली बार मंच पर गाने के लिए 25 रुपये मिले थे.
लता ने अपने करियर में कई उपलब्धियां हासिल की हैं. उनकी कोयल सी मधुर आवाज ने सैकड़ों फिल्मों के गीतों को अमर बनाया है। 30 से ज्यादा भाषाओं में हजारों गानों को अपनी सुरीली आवाज़ दे चुकी लता जी को अगर, हिन्दुस्तान की आवाज कहा जाये तो उसमे कुछ गलत नहीं होगा। लता जी, एकमात्र ऐसी जीवित शख्सियत हैं, जिनके नाम पर पुरस्कार दिए जाते हैं। लता मंगेशकर को 1966 में पद्म भूषण, 1989 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार और 2001 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया है। लता मंगेशकर को 6 फिल्म फेयर और 3 राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं।