
रक्षाबंधन का त्योहार हर साल मनाया जाता है। यह त्यौहार सावन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन बहन अपने भाई को राखी बांधती है। इस राखी के बदले भाई अपनी बहन से उसकी रक्षा का वादा करता है। बहन के बांधे हुए बंधन को रक्षा का वादा मिलता है। इस तरह यह बंधन रक्षा बंधन बन जाता है। रक्षाबंधन सावन मास का बहुत बड़ा त्योहार माना जाता है।
रक्षाबंधन भाई बहनों का त्योहार माना जाता है। यह दिन भाई-बहनों के खूबसूरत और अनूठे रिश्ते को एक रसम से बांध देता है। रक्षाबंधन पर राखी बांधने की परंपरा बहुत ही पुरानी है। हमारे देश में रक्षाबंधन सालों से मनाया जा रहा है। हमारे देश में प्रत्येक पूर्णिमा को किसी न किसी उत्सव का नाम दिया जाता है। रक्षाबंधन सभी बहनों और भाइयों के प्रेम का प्रतीक है।
रक्षाबंधन में बाजार राखियों और मिठाइयों से सज जाते हैं। सारे बाजार में राखियां और मिठाइयां दिखती हैं, मानो बाजार भी रक्षाबंधन का इंतजार कर रहे थे और रक्षाबंधन आते ही सज गए। हर रिश्ते का कोई ना कोई दिन होता है। ठीक उसी तरह भाई बहन के रिश्ते का भी एक दिन होता है रक्षाबंधन।
इस साल हमारे देश में रक्षाबंधन 15 अगस्त को मनाया जाएगा। इस बार 15 अगस्त को हमारे देश में 2 उत्सव मनाए जाएंगे। एक उत्सव आजादी का और दूसरा उत्सव रक्षाबंधन का। बहने सारा साल रक्षाबंधन का इंतजार करते हैं। रक्षाबंधन पास आते ही वे अपने हाथों में मेहंदी लगाती हैं, बहुत सारा सामान खरीदते हैं और फिर रक्षाबंधन के दिन सुबह नहाकर थाली को सजाती हैं। बहने रक्षाबंधन की थाली में रोली, आरती, फूल, राखी, मिठाई आदि रखकर उसे सजाती हैं। उसके बाद वह अपने भाई की आरती उतारती हैं और उसके हाथ में रक्षा धागा या राखी बांधती हैं। उसके बाद में अपने भाई का मुंह मीठा कराती हैं। भाई अपनी बहन से हमेशा उनकी रक्षा करने का वादा करता है। रक्षाबंधन के दिन भाई बहन साथ साथ रहते हैं और साथ साथ भोजन करते हैं। इस तरह रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जाता है।










