गोवा में चल रहा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। जिसकी एक वजह है पीहू। विनोद कापड़ी की फिल्म “पीहू” ये फिल्म एक दो साल की बच्ची की कहानी है जो अपनी मां के साथ एक फ्लैट में रहती है। पूरी फिल्म में रहस्य और रोमांच दर्शकों की दिलचस्पी फिल्म से बांधे रखती है। जैसे जैसे फिल्म आगे बढ़ती है रहस्य भी बढ़ता जाता है।
दो साल की क्यूट बच्ची जिसका नाम मायरा विश्वकर्मा है एक उम्दा कलाकार के रूप में उभरी हैं। जिसकी तारीफ हर कोई करते नहीं थक रहा है।
फिल्म के डायेक्टर विनोद कापड़ी ने कई बार इंटरव्यू में कहा है कि जब फिल्म को लेकर शुरूआत की थी तो सबसे बड़ी चुनौती यही थी कि दो साल की बच्ची से अभिनय कैसे करवाएंगे। जिस उम्र में हम बच्चों को खाना खिलाना सिखाते हैं उस उम्र में एक क्यूट गर्ल दुनिया को अपने अभियन से रिझा रही थी।
इस फिल्म की सबसे खास बात ये है कि जहां भी पीहू को दिखाया गया है सब कुछ नेचुरल है। कहानी की पीहू के चेहरे पर सही एक्सप्रेशन आ सके इसके लिए एक बार भी लाइट कैमरा और एक्शन का इस्तेमाल नहीं किया गया है। आखिरकार एक डायरेक्टर की खूबी ही होती है कि नेचुरल एक्सप्रेशन को कैसे अटरेक्टिव बनाया जाए।
विनोद इससे पहले भी अपनी दो फिल्म्स ‘मिस टनकपुर हाजिर हो’ और ‘कांट टेक दिस शिट ऐनिमोर’ के ज़रिये एक अलग ही तरह के सिनेमा से लोगो को रु ब रु कराया। फिल्म ‘कांट टेक दिस शिट ऐनिमोर’ ने उन्हें नैशनल अवॉर्ड भी दिया गया। इस बार उनकी फिल्म पीहू भी खूब तारीफे लूट रही है। जिसे देखने के लिए हर किसी का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है।