
दोस्तों एक अच्छी हेल्थ पाने के लिए । अच्छी लाइफस्टाइल पाने के लिए कुछ रूल फॉलो करने पड़ते हैं। कुछ मंत्रा को फॉलो करना पड़ता है। पर क्या आप जानते है कि अपनी संपत्ति को बढ़ाने और पैसा कमाने के लिए भी कुछ रूल्स को फॉलो करके एक खुशहाल जिंदगी और संपन्न ज़िंदगी जी सकते हैं।
ये कैसे मुमकिन है ? जानते हैं दिल्ली की जानी मानी लाइफ कोच दीपिका कपूर से। दीपिका कपूर दिल्ली एनसीआर की एक प्रतिष्ठित न्यूमरोलॉजिस्ट, टैरो रीडर, क्रिस्टल हीलर के अलावा, एक प्रतिष्ठित लाइफ कोच भी हैं। दीपिका कपूर को खुद इस जगत में कई साल हो चुके हैं।
क्या हम अपनी सोच को पॉजिटिव यानी सकारात्मक बनाकर अपनी संपत्ति को बढ़ा सकते हैं ?
मेरे पास बहुत से क्लाइंट आते हे जिनके सबके पास एक ये भी सवाल होता है की सम्पति को कैसे बढ़ाया जाये। मैने उसमे एक अच्छी तरह रिसर्च की। इसके लिए आपकी सोच की क्षमता बहुत दृढ़ और मज़बूत होनी चाहिये। जो हम बोलते और सोचते है उसको हम पा सकते है। क्यूंकि जो हम बोलते है सोचते है उसे आकर्षित करते है। आपको पता है कि हमारा ब्रह्मांड किसी के साथ भेदभाव नहीं करता। कोई भी विजेता, हारने वाले की तरह पैदा नहीं होता। लेकिन ये हम पर निर्भर करता है की हम क्या चुन रहे हैं। अगर हम पैसा चुनते हैं तो हमें उस पर काम करना होगा। हमें धैर्य रखना होगा और पैसे के बारे में सोचना होगा। अंदर से एक जलती हुई इच्छा होनी चाहिए।
अक्सर लोग कहते है, जब पैसा आता है तो बहुत सारी परेशानियाँ भी लेकर आता है। मुझे तो ज्यादा पैसा नही कमाना है, बस मेरी दाल रोटी चलती रहे।
बिलकुल ठीक कहा आपने। जिनका मनी के साथ रिश्ता सही नही है, हम उनका कुछ नही कर सकते है। एक मध्यम परिवार मे जन्मे बच्चे को बचपन से सिखाया जाता है की पैसो के पीछे ज्यादा नही भागना चाहिये या अमीर लोग अच्छे नही होते। मंहगा टॉय हमारे लिये नही बनाना है।
कई बार वह बच्चा इस सोच के साथ ही बडा होता है।
हमारा दिमाग ये मान लेता है कि ज़्यादा पैसा अच्छी चीज नही है। ज़्यादा पैसापैसा बुरी बला है। इस लिए भी हम पैसे को आकर्षित नही कर पाते।
अगर पैसा चाहिए तो उसे कमाने के लिए फोकस करें। मेहनत करें। हमारी जिंदगी का आधा पन्ना भगवान ने लिखा है और बाकी का आधा पन्ना हमें लिखना है। भगवान ने हमे मौका दिया है की हम चीजो को बदल सके।
सकारात्मक सोच के ज़रिये पैसा कैसे कमाया जा सकता है। क्या इसका कोई फार्मूला है ?
जैसे मेरा उद्धरण लें लीजिये। मैं कह रही हूँ , मुझे मोटा नहीं होना है। तो ये गलत होगा। सबकॉन्शस माइंड बार बार सुनता है मोटापा शब्द । जिससे मेरा वजन कम होने की जगह बढेगा। हमे अफर्मेटिवे सेंटेंस यानि सकारात्मक वाक्य इस्तेमाल करना होगा। जैसे मुझे पतला होना है। मुझे पैसे नहीँ खोना है। मुझे अमीर बनना है। हमें अपने वाक्य में से नकारात्मक शब्दों को निकालना होगा। तनाव, ईर्ष्या को दूर करना होगा। इसके बजाय, अच्छे और सकारात्मक शब्दों का प्रयोग करें।
क्या हम सिर्फ सकारात्मक सोच रखने से पैसा कमा लेंगे?
नहीं, बिलकुल नहीं। विचार प्रक्रिया केवल पहला कदम है। यह एक बुनियादी बात है। हमारे विचार ही हमें परिभाषित करते हैं। सोचने से हम सिर्फ फोकस होंगे। मुझे पैसा चाहिए, मुझे काम करना है। मैं सकारात्मक हूं उसके बाद कई चीजें हैं। जैसे हम अस्पताल जाते हैं, अस्पताल का माहौल होता है, दवाएं होती हैं। इसी तरह हमें भी अपने घर में पैसों के लिए माहौल बनाना होगा। जैसे ही आपके घर मेहमान आते हैं। आपका घर चाहे छोटा हो या बड़ा, मेहमानों के बैठने की जगह होती है। यदि जगह नहीं है, तो मेहमान थोड़ी देर में चले जाएंगे। इसी तरह लक्ष्मी जी के लिए भी जगह होनी चाहिए। लक्ष्मी जी को कहाँ रखना है? कुबेर को किस स्थान पर रखना है? आपका बटुआ कैसा होना चाहिए? आपका बटुआ किस रंग का होना चाहिए जिससे लक्ष्मी आकर्षित हो? बटुए से पुराने बिल निकालें। कैश बॉक्स को उत्तर दिशा में रखना चाहिए।
फिर क्रिस्टल आता है। मनुष्य पांच तत्वों से बना है। भू, जल, वायु, अग्नि, आकाश। क्रिस्टल भी प्राकृतिक है। किसे किस क्रिस्टल की जरूरत है? या मनी ट्रांसफर के लिए कौन सा क्रिस्टल चाहिए। ज़रूरत के अनुसार हम क्रिस्टल, ब्रेसलेट, स्टोन पहनते हैं।










