
अंकिता मैती एक युवा सफल सेलिब्रिटी कोरियोग्राफर और एंटरप्रोन्योर। अपने सपनों को मेहनत और अपने दम पर पूरा करने का हौंसला रखने वाली युवा लड़कियों के लिए अंकिता मैती किसी मिसाल से कम नहीं है। मुंबई में पली – बढ़ी अंकिता मैती ने ऑल्ट बालाजी की फेमस वेब सीरीज “कार्टेल” के लिए दो दृश्यों का निर्देशन किया। एक मोनिका डोगरा और समीर सोनी के साथ और दूसरा तनिष्ठा चटर्जी के साथ। अंकिता मैती को 13वें इंडियन टेली अवार्ड्स की तरफ सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफर पुरस्कार दिया गया। संगीत वीडियो ‘जान मेरी’ के लिए अंकिता मिर्ची म्यूजिक अवार्ड्स 2020 में सर्वश्रेष्ठ इंडी गीत के विजेता रही हैं।
हाल ही में सिटी वुमन मैगज़ीन की तरफ से हमारे सीनियर सेलिब्रिटी जर्नलिस्ट अज़हर खान ने अंकिता मैती से की ख़ास बातचीत, जिसके कुछ अंश हम आपके साथ शेयर कर रहे हैं। चलिए जानते हैं अंकिता मैती को थोड़ा और करीब से।
अंकिता आप एक कोरियोग्राफर है, सक्सेसफुल एंटरप्रेन्योर हैं और टैलेंटेड एक्ट्रेस। इतनी यंग ऐज में बिना गॉडफादर कैसे हैंडल किया?
पहले तो पता नहीं था कि कैसे आगे बढ़ना है। फिर कहते हैं न, जब आपका मन और दिल एक ही चीज पर डटे रहें तो आपको सब मिल जाता है। मैंने ठान लिया, अपने पुरे दिलों-जान से अपने सपनो को ज़रूर पूरा करुँगी। धीरे धीरे यूनिवर्स ने मौका देना शुरू किया। यह सबसे जरूरी होता है। आप मौके का सही इस्तेमाल करें। मौका सबको मिलता है। पर कई बार हम हालत से मजबूर होकर या हमारे आसपास के लोगों की वजह से उन मौकों को हाथ से जाने देते हैं। हाल ही मेरे साथ कुछ ऐसा ही हुआ। मैं उनका नाम नहीं लेना चाहूंगी। इतने बड़े एक्टर हैं वो और जब मैं उनसे मिली तो वो बहुत सादगी से पेश आये। पर उन तक पहुँचने के लिए उनकी टीम और साथ के लोगों ने बहुत मुश्किलें पैदा कीं। मुझे लगा की जब टीम के इतने नखरें है तो पता नहीं एक्टर तो सातवे आसमान में ही होगा। पर जब मैं उनसे मिली तो वो बहुत अच्छे इंसान थे। अच्छे लोंगो की वजह से मैं आज यहाँ तक पहुंची हूँ। मैं अपने टेलंट को लेकर भी पूरी ईमानदार रही हूँ। मैंने जिनके साथ भी काम किया है, उन सब ने दुबारा मुझे ही बुलाया है। मैंने हमेशा सकारात्मक रूप साथ ही काम किया है। इसी वजह से बिना गॉड फादर के में सफलतापूर्वक यहाँ तक पहुंची हूँ।
जब पहली बार आपने अपनी फैमिली को बताया होगा कि आप इस ग्लैम वर्ल्ड का हिस्सा बनना चाहती हैं तो उन का क्या रिएक्शन रहा?
मेरे पेरेंट्स कई साल पहले कलकत्ता से मुंबई आ गये थे और मेरा जन्म मुंबई में ही हुआ है। जब आप मुंबई से होते हैं तो आपके पेरेंट्स पहले से ही ओपन माइंडेड होते हैं। मुंबई बाकि शहरों के मुकाबले हमें बहुत स्ट्रॉन्गऔर स्मार्ट बना देता है। जैसे-जैसे आप लाइफ में आगे बढ़ते जाते हैं आपको अच्छे-बुरे की अकल आ जाती है। मेरे पेरेंट्स को पता था की मैं ग्लैमर फील्ड में जा रही हूँ। उन्होंने कहा की पढाई के बाद मैं जो करना चाहूं वो कर सकती हूं
सुना है आप यूफोरिया के साथ काम किया हैं ?
मैंने यूफ़ोरिया बैंड्स के साथ एक गाना कोरियोग्राफ किया है जो गणपति के दिन रिलीज़ हुआ है। हम सब उनको देख कर पैदा और बड़े हुए हैं। मैं खुशनसीब हूँ कि मुझे डॉ. पलाश सेन जैसे लेजेंड्स के साथ काम करने का मौका मिला। उनसे मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला जो आजकल के लोगों से बिलकुल अलग है। यूफ़ोरिया के साथ जो गाना है उसका नाम है Sale (सेल)। गाने का मतलब कुछ ऐसा है कि हम जब जाते हैं Sale पर। यह सोचकर कि सेल से सस्ता कुछ खरीदेंगे पर असल में हम अपनी जिंदगी को बेच आते हैं। पलाश सेन जो हमेशा ही कुछ अलग करते आये हैं। उनका यह गाना भी फनी तरीके से लोगों को सीख देता है, तो आप भी जरूर सुने इस गाने को।
अपने हाल के प्रोजेक्ट्स के बारे में कुछ बताएं ?
हाल ही में मैंने ऑल्ट बालाजी की “कार्टेल” सीरीज़ को पूरा किया है जो बहुत अच्छा चल रही है। नेटफ्लिक्स का अगला प्रोजेक्ट है जिसका नाम है “ये काली काली आँखें” जो अगले कुछ महीनों में आएगी। उसमें बहुत सारे बड़े एक्टर हैं। मुझे डॉ. पलाश सेन के साथ काम करने का मौका मिला। सीनियर्स से सीखने को मिलता है। RDx एप के लिए अंकित तिवारी जी के साथ एक ऐड फिल्म कोरियोग्राफ की है। बोट हेडफोन की ऐड हाल ही में ख़त्म हुई है। बोट के ही तीन ऐड फिल्मस हैं। जिसमे से एक कार्तिक आर्यन के साथ शूट किया गया है और अगली कियारा अडवानी के साथ है। काफी सारी ऐड फिल्म्स लाइन-अप हैं।
आज के समय में एक महिला इंडिपेंडेंट होना कितना ज़रूरी है। अपने सपने को पूरा करने के दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ बने रहना कितना मायने रखता है ?
यह बहुत अच्छा सवाल है और वुमन एम्पावरमेंट एक बड़ा टॉपिक है। इस पर जितना भी बात करें कम है। पहले के समय में होता था कि, कोई महिला पुलिस ऑफिसर है तो उसे एम्पावर समझा जाता था। मेरे हिसाब से हर एक महिला को शिक्षित होना चाहिए। ताकि वे और अच्छे से डिसीजन ले सकें। महिलाएं हमेशा ही फिसिकली, मेंटली और इमोशनली स्ट्रांग होती हैं। हर फील्ड में कुछ कमियां होती हैं। इसके लिए आप हर जगह वुमन एम्पावरमेंट का कार्ड लेकर नहीं घूम सकते। कोई आपके साथ ज़ोर जबरदस्ती करता है। तो तुरंत जबाब दें या फिर अपना रास्ता बदल लें। आपको स्ट्रांग बन कर वो बात वहीँ ख़त्म कर देनी चाहिए। दस साल बाद यह मुद्दा उठाने से क्या फायदा। जैसे Me Too (मी टू) मूवमेंट हो रहा है। मी टू से क्या होगा। यह सेंसिटिव मुद्दा है। मेरे हिसाब से वुमन एम्पावरमेंट कार्ड का सही इस्तेमाल करना चाहिए। इसके गलत इस्तेमाल से अच्छे आदमियों की भी जिंदगी तबाह हो जाती है।
फिट और हेल्दी रहने के लिए किस तरह का लाइफस्टाइल अपनाती हैं आप ?
मैं कोरियोग्राफर हूँ, सबको लगता है कि मैं पूरा दिन डांस करती रहती हूँ, तो मैं फिट हूँ, पर ऐसा नहीं है। मैं फिसिकल फिटनेस के लिए योग करती हूँ। अगर आप वजन कम करना चाहती हैं तो मेरा दावा है कि उन्हें एक योगा टीचर की मदद लेनी चाहिए। योग न सिर्फ शारीरिकतौर पर बल्कि मानसिक स्थिरता और आध्यात्म पर भी काम करता है। योग से जिंदगी में एक ठहराव आता है। अगर मैं फिट हूँ तो मेरे आसपास के लोगों को भी मैं फिट रहने के लिए प्रेरित कर सकती हूँ। यह एक होलिस्टिक लाइफ स्टाइल ब्रांड है। इसमें शारीरिक फिटनेस, मानसिक, आध्यात्मिक, भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी काम किया जाता है। यह मैडिटेशन, योग और डांस का कॉम्बिनेशन है। अपनी फिटनेस के लिए आप डांस को भी चुन सकते हो। मेरा तो यही हेल्थ मंत्रा है।
अब बात करतें आपके अपकमिंग शोज… ये काली काली आँखे के बारे में … क्या प्रोजेक्ट है आपका क्या रोल है?
यह एक कॉमेडी थ्रिलर है। OTT प्लेटफॉर्म में यह पहली बार हो रहा है कि आप एक पूरा प्रॉपर डांस सिकुएंस देखेंगे। आपने सीरीज़ में डांस कभी नहीं देखा होगा क्योंकि समय की कमी होती है OTT सीरीज़ में। जिसमे स्टोरी महत्वपूर्ण होती है। “ये काली काली आँखें” में पहली बार सीरीज़ के अंत में डांस भी है साथ ही और तीन परफॉर्मन्स भी है शो में। मैं एक्साइटेड हूँ की मैं ऐसे प्रयोग का जो पहली बार हुआ, इसका हिस्सा हूँ।










