व्यक्ति को जीवन में हर तरह के समय का सामना करना पड़ता है। फिर चाहे समय अच्छा हो या बुरा। ऐसे में बहुत सारे लोग खराब समय में उदासी में चले जाते हैं। इस उदासी को यूं तो एक गम्भीर समस्या की तरह देखा जाता है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इस उदासी के अपने अलग फायदे भी हैं।
मनोवैज्ञानिकों के अनुसार ये उदासी हमारे लिए बहुत फायदेमंद होती है। ये बात एक रिसर्च में सामने आई है। इस रिसर्च में पता चला है कि खराब मूड में रहने वाले लोगों की तुलना में अच्छे मूड में रहने वाले लोग कम सचेत होत हैं और वह बातों की गहराई में भी नहीं जाते हैं।
शोधकर्ताओं ने कई लोगों का मूड उनको खुशी और उदासी वाली फिल्में दिखाकर पहले बदला और फिर इसके बाद उन्हें कई व्यवहारिक कार्य देकर उनकी क्षमता की जांच की।
मनोविज्ञान के अनुसार मानव के इमोशनंस जैसे घृणा, डर, शर्मिंदा होना, गुस्सा ये सभी जरूरी हैं, क्योंकि ये व्यक्ति को हानि पहुंचानी वाली परिस्थितियों को समझना, पहचानना, उन्हें अवाइड करना और उनसे बाहर आना सिखाती हैं।लेकिन ये भी सच है कि लम्बे वक्त तक रहने वाली उदासी यानि डिप्रेशन एक गंभीर बीमारी है। ऐसे में यहां कम समय रहने वाले खराब मूड और उदासी की बात हो रही है जो व्यक्ति के लिए फायदेमंद है और उनको विपरीत परिस्थतियों से मुकाबला करना सिखाती हैं। उदासी के कारण इंसान में सहानुभूत, दया, संयुक्तता, संवेदनशीलता बढ़ती है।