
अनुशासन यानि की डिसिप्लिन हर इंसान के जीवन में बहुत जरूरी हिस्सा है। डिसिप्लिन हर इंसान को आगे बढ़ने, करियर, फैमिली हर जगह बढ़ाने में मदद करता है और इसकी शुरुआत होती है बचपन से। हालांकि आज के दौर में पैरेंट्स (Parents) के लिए बच्चों को अनुशासन सिखाना किसी सिरदर्द से कम नहीं होता।
आजकल बच्चे अपनी पर्सनल लाइफ में इतने बिजी रहते हैं कि वो किसी का भी इंटरफेयर इसमें नहीं चाहते हैं। अगर आपका बच्चा भी कुछ ऐसा ही करता है और आपके उसके बर्ताव से परेशान हैं तो हम बच्चों को अनुशासन सिखाने के 5 तरीके बताने जा रहे हैं, जिसे आप आराम से ट्राई कर सकते हैं।
खुद का डिसिप्लिन है जरूरी
बच्चा माता-पिता को देखकर ही सबकुछ सीखता है, ऐसे में दिमाग में इस बात को बैठा लें कि आपको खुद भी डिसिप्लिन में रहना है। आपकी जरा सी लापरवाही से बच्चे फिर से उसे रूटीन से भटका सकती है और नेगेटिव मैसेज दे सकती है। ध्यान रहे कि माता-पिता के बीच झगड़े न हों।
कैसे करना चाहिए व्यवहार
छोटे बच्चों को सिखआएं कि उन्हें कैसे आगे बढ़ना है। अगर वो बाहर जा रहा है या घर पर कोई आ रहा है तो कैसे व्यवहार करना है। अगर कोई गिर जाए तो उस पर हंसना नहीं है उसे उठाने में मदद करनी है। किसी की भी हेल्प करना बहुत जरूरी होता है। साथ ही बच्चों को उन बातों से दूर रहना सिखाए जैसे कि आपस में कभी लड़ाई झगड़ा नहीं करना चाहिए और न ही कभी किसी बात पर जिद और गुस्सा करना चाहिए।
गिफ्ट्स दें…
छोटे बच्चों को अनुशासन का पालन करने के लिए आप उन्हें पुरस्कार भी दे सकते हैं। लालच से ही सही वो इस प्रकार से नियम में रहना सीख जाएंगे। इसके अलावा यह अनुशासन सिखाने के लिए इनाम देना सबसे अच्छा तरीका हो सकता है। जरूरी नहीं कि पुरस्कार में आप उन्हें कोई वस्तु या पैसे दें, उनकी तारीफ करना भी किसी पुरस्कार से कम नहीं होता है। उदाहरण के लिए, यदि बच्चे किसी की मदद करते हैं, तो उन्हें शाबासी दें, इससे उनके मन में एक खुशी की भावना पैदा होता है।
वक्त पर सोने की आदत डालें
किसी भी अच्छी आदत को सीखाने से पहले जरूरी है कि बच्चे के सोने की आदत बिल्कुल सही हो। बच्चों को बेड टाइम ट्रेनिंग जरूर दें। सुबह उठने और सोने का समय तक करें। ऐसा करने से बच्चों का एक रूटीन तय होगा। जब बच्चे के सोने और उठने का रूटीन ठीक हो जाएगा आप उसके खाने, पढ़ने और बाकि काम करने का टाइम भी तय कर सकती हैं।










