
अभिनेत्री शबाना आजमी का 18 सितंबर को 71 वां जन्मदिन हैl बॉलीवुड की सबसे बेहतरीन और वर्सटाइल एक्ट्रेस में शुमार शबाना आजमी (Shabama Azmi) को किसी पहचान की जरूरत नहीं है।
बॉलीवुड में शबाना आजमी 70, 80 और 90 के दशक में छाई रहीं। 1974 में फिल्म ‘अंकुर’ से डेब्यू करने वाली शबाना आजमी को इसी के लिए ‘नेशनल फिल्म अवॉर्ड फॉर बेस्ट एक्ट्रेस’ दिया गया था। एक दमदार एक्टर, एक्सप्रेशन क़्वीन के नाम से मशहूर शबाना आजमी 5 बार नेशनल अवार्ड जीत चुकी हैं। उन्होंने 1983, 1984 और 1985 में लगातर 3 साल तक नेशनल अवार्ड जीते हैं। ऐसा करने वाली वे अकेली एक्ट्रेस हैं। वहीं वह 4 अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार भी जीत चुकी हैl
शबाना आजमी की मां का नाम शौकत आजमी था और उनके पिता का नाम कैफी आज़मी था जो कि एक कवि थेl शबाना आजमी का जन्म 18 सितंबर 1950 को हैदराबाद में हुआ हैl हालांकि उन्होंने अपने जीवन का अधिक हिस्सा मुंबई में बिताया हैl उन्होंने एक्टिंग का कोर्स फिल्म और टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे से किया l
शबाना आजमी ने कई वुमन सेंट्रिक फिल्म्स में काम किया और महिला फिल्म कलाकारों के लिए फिल्म जगत में नए आयाम रचे हैं। शबाना का नाम बॉलीवुड की उन एक्ट्रेस में शुमार जो अच्छी स्क्रिप्ट के लिए अपने ऊपर एक्सपेरिमेंट करने से बिल्कुल भी नहीं कतराती हैं। यहां तक कि इसके लिए उन्होंने सर मुंडवाने तक में परहेज नहीं किया। दीपा मेहता की फिल्म फायर में शबाना आजमी ने काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थीl इस फिल्म में उन्होंने दमदार रोल भी निभाया थाl शबाना आजमी ने टेलीविजन में भी काम किया। ‘एक मां जो लाखों के लिए बनी अम्मा’ सीरियल में भी वे नजर आईं और इसके लिए भी उनकी काफी तारीफ हुई थी।
रोलैंड जोफ की “द सिटी ऑफ जॉय” और जॉन स्लेसिंगर की “मैडम सौसत्ज़का” में काम करने वाली शबाना आज़मी हमेशा एक अंतरराष्ट्रीय शख्सियत रही हैं। बंगाली नाईट, साइड स्ट्रीट, इमैक्युलेट कन्सेप्शन, सिटी ऑफ़ जॉय, द सन ऑफ़ पिंक पेंथर उनकी लाजवाब हॉलीवुड मूवीज रहीं।
1970 में शबाना आजमी की बेंजामिन गिलानी के साथ सगाई हुई, लेकिन सगाई को किसी कारण इस सगाई को तोड़ दिया गया। बाद में, शबाना आजमी ने 9 दिसंबर 1984 को हिंदी फिल्मों में गीतकार, कवि और पटकथा लेखक जावेद अख्तर से शादी की, जिससे वह अख्तर-आज़मी फिल्म परिवार का सदस्य बन गईं। यह जावेद अख्तर की दूसरी शादी थी, पहली शादी हिंदी फिल्म पटकथा लेखक हनी ईरानी के साथ हुई थी।
जया भादुरी से थी इंस्पायर्ड
एक इंटरव्यू के दौरान शबाना आजमी ने जया भादुरी (अब जया बच्चन) को अपनी इंस्पिरेशन बताया था। शबाना ने कहा था ‘फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा बनाई गई फिल्म में जया भादुरी को देखकर मैने पुणे इंस्टीट्यूट में आने का फैसला किया।’
पद्मश्री -पद्म भूषण सम्मान
1988 में भारत सरकार की ओर से शबाना आज़मी को पद्मश्री से सम्मानित किया गया और साल 2012 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। राष्ट्रपति से यह सम्मान पाकर शबाना ने ट्विटर पर लिखा था कि, ‘अभी भारत के राष्ट्रपति के हाथों पद्म भूषण मिला, बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं’। मैं उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा करती हूं जिन्होंने मेरे इस सफर को संभव किया।










