
हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की बदतर होते हालात को लेकर, अक्सर मामले सामने आते रहते हैं। हिंदुओं के साथ अत्याचार, अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं का उत्पीड़न पाकिस्तान में अब आम हो चला है। लेकिन अगर एक हिंदू, पाकिस्तान की प्रशासनिक सेवा का हिस्सा हो, खासकर एक हिंदू लड़की तो यह सभी के लिए हैरानी की बात होगी।
हैरान होना लाज़मी भी है। एक हिंदू लड़की ने न केवल इस हैरान कर देने वाली बात को अंजाम दिया है, बल्कि पाकिस्तान में हिंदू समुदाय के लोगों के लिए एक मिसाल बन गई है। हम जिसकी बात कर रहे हैं, वो है डॉक्टर सना रामचंद्र गुलवानी। सना रामचंद्र गुलवानी पाकिस्तानी हिन्दू हैं, जो इन दिनों खूब चर्चा में हैं। उन्होंने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिसके बाद पाकिस्तान के हिंदुओं साथ ही दुनिया भर के हिंदु गर्व महसूस कर रहे हैं। सना पाकिस्तान की पहली हिंदू महिला सरकारी अधिकारी बनने जा रही हैं।
सना ने पाकिस्तान का प्रतिष्ठित पब्लिक सर्विस एग्जाम, सेन्ट्रल सुपिरियर सर्विस यानि CSS दिया, और पहली ही कोशिश में कामयाबी मिली। इस परीक्षा को पाकिस्तान की सबसे मुश्किल परीक्षा में से एक माना जाता है। प्रशासनिक सेवा में चयन एग्ज़ाम के रिजल्ट के आधार पर होता है। यह एक तरह से भारत के UPSC सर्विस एग्जामिनेशन की तरह ही है, जिसका आयोजन संघ लोक सेवा आयोग द्वारा किया जाता है।
हालाँकि करियर को लेकर सना की शुरूआती योजना कुछ और थी। मीडिया में चल रही ख़बरों के आधार पर सना के माता पिता चाहते थे की वो मेडिकल के क्षेत्र में अपना करियर बनाये। साल 2016 में सना ने मोहतर्मा बेनजीर भुट्टो शहीद मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की। सना ने आगे की पढाई न्यूरोलॉजिस्ट के रूप में जारी रखी और बाद में पाकिस्तान के पब्लिक सर्विस एग्जाम में चयनित हो गई।
सना के बारे में अंग्रेजी अखबार ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ ने लिखा, जब मैंने अपनी ट्रेनिंग शुरू की तो कुछ महीने के लिए मेरी पोस्टींग सिंध प्रांत के शिकारपुर जिले के तालुका अस्पताल में महिला चिकित्सा अधिकारी के रूप में हुई। उन्होंने कहा कि, मैं हर रोज मरीजों को देखती थी, और ना ही दवाइयों उपलब्ध थीं ना ही उन सबको भर्ती करने का कोई इंतजाम था। अस्पताल की कमियों को दूरी करने और समाज में बदलाव लाने के लिए उन्होंने सिविल सर्विस में करियर बनाने का फैसला लिया।
सना रामचंद्र गुलवानी ने कड़ी मेहनत और काबिलियत से साल 2020 में अपने पहले ही प्रयास में CSS परीक्षा पास कर ली। इसके बाद पाकिस्तान प्रशासनिक सेवा में सिंध के ग्रामीण छेत्र की सीट पर अपनी जगह बना ली। सना की यह उपलब्धि बहुत ख़ास है क्यूंकि पाकिस्तान के इतिहास में वह पहली हिंदू महिला है, जिन्होंने सेन्ट्रल सुपिरियर सर्विस पास किया है।










