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जब महिलाएं कमाती है तो इससे उनका व्यक्तित्व निखरता है – पूजा पाटिल वशिष्ट

एक्सक्लूसिव इंटरव्यू: अनंथा इवेंट्स फाउंडर पूजा पाटिल वशिष्ट

गुडगाँव की सबसे नामचीन एंटरप्रन्योर्स में से एक हैं पूजा पाटिल वशिष्ट। बहुत ही कम वक़्त में पूजा ने बड़ी ही मेहनत से आज बिज़नेस की दुनिया में ये मुकाम हासिल किया है। मिस पूजा अनंथा इवेंट्स की फाउंडर है। एक इंडिपेंडेंट वुमन ही आज़ादी के असली मायने समझ सकती है। आज़ादी अपने हिसाब से अपनी ख़ुशी से एक हैप्पी लाइफ जीने की। लेकिन जो महिला दूसरी महिलाओं को अपनी तरह एक इंडिपेंडेंट ज़िंदगी जीने में मदद करे, प्लेटफार्म दे। इस जज़्बे को कौन सलाम नहीं करना चाहेगा। जानते है मिस पूजा की कहानी उन्ही की ज़ुबानी उनके इस ख़ास इंटरव्यू में।
अनंथा इवेंट्स की शुरुआत कब और कैसे हुई ?
अनंथा इवेंट्स की शुरुआत 2014 में की थी। वैसे तो मैं 2 साल से एक्सहिबीशन्स कर रही हूँ । ज़्यादातर फेस्टिवल के वक्त ही एक्सहिबिशन ऑर्गनाइज़ करते हैं । हम कोशिश करते हैं की हमारे पास अच्छे से अच्छे ब्रांड्स आये ताकि वो अच्छे क्लाइंट्स को अपना सामान डिस्प्ले करा सके। अनंथा इवेंट्स की शुरुआत ही इसलिए की गई थी ताकि नये डिज़ाइनर्स और ऐसे लोग जिन्होंने नया बिज़नेस शुरु किया हैं उन्हें एक प्लेटफार्म दे सकें और उन्हें अपने प्रोडक्ट्स को लोगों तक पहुंचाने का एक सस्ता ज़रिया मिल सके। इवेंट इंडस्ट्री मेरे लिए सिर्फ काम नहीं, एक पैशन है।
एक इंटरप्रेन्योर के तौर पर आने वाले  5 साल में आप अपने आप को कहाँ देखना चाहती  हैं ?
कुछ भी प्लान करने के लिए 5 साल तो काफी लम्बा वक्त है , लेकिन हां एक साल बाद मैं अनंथाइवेंट्स को एक नयी ऊंचाई पर देखना चाहती हूँ कई हाई प्रोफाइल क्लाइंट्स के साथ। शुरूआती तौर पर मैं यही चाहती हूँ की अनंथा इवेंट्स गुरुग्राम की इवेंट्स कम्पनीज़ में एक जाना-माना नाम हो।
क्या आप  किसी  सोशल कॉज के साथ भी जुडी हैं ?
कोई विशेष नाम नहीं है पर हम काफी डोनेशंस करते हैं। कंस्ट्रक्शन वर्कर्स और उनके स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए, स्ट्रीट किड्स के लिए उनकी ज़रुरत के मुताबिक कपड़े, खाने और मेडिसिन्स के लिए या किसी भी चीज़ की उन्हें ज़रूरत होती है तो पर्सनल लेवल पर या कलेक्शन करके उनकी हेल्प करते हैं।
महिलाओं का इंडिपेंडेंट होना कितना ज़रूरी समझती हैं आप?
मेरे लिए इंडिपेंडेंट होने का मतलब है हर हालात में खुद को सपोर्ट कर पाना है। एक महिला के लिए सिर्फ फाइनेंसियली इंडिपेंडेट होना ही ज़रूरी नहीं है। उसे सोचने, बोलने और फैसले लेने की भी आज़ादी होनी चाहिए, इतना ही नहीं एक महिला को ये आज़ादी भी होनी चाहिए की वो अपने सपनो को हासिल करने के लिए इस विशवास के साथ आगे बढ़ सके की उसकी खुशियों की ज़िम्मेदारी, उसकी खुद की है। मेरे लिए इंडिपेंडेंट होने का मतलब , झुलसती गर्मी भरे दिन में एक ठन्डे पानी के गिलास की तरह है। जो ख़ुशी और संतुष्टि उस ठन्डे पानी से मिलती है वैसे ही ख़ुशी इंडिपेंडेंट होने पर भी मिलती है।
आखरी सवाल, आपके लिए वीमेन एम्पावरमेंट  के क्या  मायने  हैं ?
मैं समझती हूँ की अपने पैरों में खड़ा होना ज़रूरी है। हर महिला को फाइनैंशली इंडिपेंडेंट होना चाहिए। जब महिलाएं कमाती है तो इससे उनका व्यक्तित्व भी निखरता है और कॉन्फिडेंस भी बढ़ता है। और जब आप अपने पैरों पर खड़े होते हैं तो आप सिर्फ अपनी या अपनी फॅमिली की नहीं बल्कि उनकी भी हेल्प कर सकते हैं जो घर से ही काम करते हैं। जिनके प्रोडक्ट्स बहुत अच्छे हैं पर उनको पहचान नहीं मिली। हम ऐसी महिलाओं की हेल्प भी करते हैं उनको बजट में ही एक प्लेटफार्म दे कर और हम उन्हें डिस्काउन्ट्स भी देते हैं एक्सहिबिशन में स्टाल बुकिंग पर।
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