
Hemlata Gautam
एडवर्ल्ड दिग्गज Lynn de Souza इंडिया की एक सक्सेसफुल वुमन इंटरप्रेन्यूर और भारत की पहली महिला हैं, जिन्हें ‘रीडरशिप स्टडीज काउंसिल ऑफ इंडिया’ (RSCI) की पहली चेयरपर्सन बनने का मौक़ा मिला। Lynn de Souza लिंटास मीडिया समूह के पूर्व अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं।
Lynn de Souza एक बहु आयामी मीडिया व्यक्तित्व है। एक राष्ट्रीय टेनिस चैंपियन, जो विज्ञापन मीडिया में एक 25 साल के कैरियर में ओगिल्वी, ग्रे और लिंटास के लिए काम किया। Lynn देश की सबसे प्रभावशाली टॉप महिलाओं में से एक हैं। Lynn एक सफल लेखक और पब्लिक स्पीकर भी हैं।
Lynn भारत में लड़कियों और महिलाओं के उत्थान के कार्यों भी सक्रिय रूप से में शामिल है। Lynn ने भारत में इंटरपब्लिक समूह के लिए वुमन लीडरशिप नेटवर्क की अध्यक्षता और की स्थापना की।
”Lynn को परफॉरमेंस एक्सीलेंस, मानवतावाद, और विज्ञापन उद्योग के विकास में योगदान के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।”
इसके अलावा Lynn ने गोवा SPCA की कुर्सी संभाली और FIAPO, द फेडरेशन ऑफ़ इंडियन एनिमल प्रोटेक्शन ओर्गानिसेशन्स के लिए 2015 में तीन साल एक गवर्नर के रूप में अपनी सेवाएं दी।
Lynn, UFO मूवीज़ और इसकी सिस्टर्स कम्पनीज, स्क्रैबल मनोरंजन और दक्षिण डिजिटल स्क्रीनज़ के बोर्ड में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में शामिल हैं। UFO मूवीज़ दुनिया के डिजिटल फिल्म कन्टैंट की सबसे बड़ी डिस्ट्रीब्यूटर है।
Lynn de Souza मुंबई स्थित ‘सोशल एक्सेस’ कंपनी की फाउंडर हैं। ये फर्म पंद्रह से अधिक प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। जिसमें सोलर लाइटिंग, जल प्रबंधन, ग्रामीण लड़कियों की शिक्षा, चाइल्ड प्रोटेक्शन, महिला सशक्तिकरण, एनिमल वेलफेयर, समुद्री सुरक्षा, कॉर्पोरेट स्वयं सेवा, मानसिक विकलांगता, और अर्थशास्त्र की शिक्षा भी शामिल हैं।
सिटी वुमन मैगज़ीन ने की Lynn de Souza से ख़ास बातचीत और जाना की उनकी कंपनी सोशल एक्सेस किस तरह से वुमन एम्पावरमेंट और गर्ल चाइल्ड डेवेलपमेंट के लिए काम कर रही है।
सोशल एक्सेस क्या है और आम लोगों और महिलाओं के लिए किस तरह से फायदेमंद है?
सोशल एक्सेस कम्यूनिकेशन्स भारत का पहला और इकलौता कम्यूनिकेशन्स फर्म है जो बिना किसी फायदे के सामाजिक विकास के लिए काम करता है। एनजीओ के लिए संचार निति तैयार करना, कॉरपोरेट्स को सामाजिक जिम्मेदारियां पूरी करने में मदद करना और सरकार के लिए लोक सेवा अभियान का ढांचा तैयार करना, ये फर्म इस तरह के कामों से जुड़ा हुआ है। विज्ञापन, फिल्म मेकिंग और पब्लिक रिलेशन की दुनिया के जुड़े कई कुशल लोग इस फर्म से जुड़ कर सामाजिक जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
महिला सशक्तिकरण की क्या अहमियत है हमारे देश में ?
लड़िकयों और महिलाओं के सशक्तिकरण की जरूरत दरअसल पूरी दुनिया में है और हमारे देश में तो बहुत ज्यादा है जहां पर महिलाओं को देवी तो माना जाता है लेकिन समाज में समान ओहदा नहीं दिया जाता। जन्म से लेकर आखिरी सांस तक महिलाएं अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहती हैं। लड़कियों को आगे बढ़ने और उनके विकास के लिए उन्हें लड़को के बराबर अधिकार और सुविधा देना जरूरी है तभी वो घर से निकलकर समाज के विकास में योगदान दे सकेंगी। हमारे देश की महिलाओं ने राजनीति,बैंकिग,सामाजिक और कॉर्पोरेट जगत में दूसरे देश की महिलाओं के मुकाबले बेहतर सफलता हासिल की है लेकिन अभी उन्हें बहुत आगे जाना है। बहुत ही दुख की बात है कि जैसे जैसे हमारी महिलाओं का आत्मविश्वास और समाज में उनकी भागीदारी बढ़ रही है वहीं उनके खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं।
सोशल एक्सेस बेटियों और महिला सशक्तिकरण के लिए क्या कदम उठा रहा है ?
इस क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए हम जांच और विश्लेषण करते हैं। 2014 में हमने Population First के लिए सेक्सुअल हर्रासमेंट इन वर्कप्लेस पर सर्वेक्षण किया और सेमिनार किया था। स्नेहा के लिए हमने एक फिल्म बनाई जो कच्ची उम्र की लड़िकयों की समस्याओं से जुड़ी है। इस फिल्म को ग्लोबल अवॉर्ड भी मिला है।बहुत जल्द महिलाओं के खिलाफ अपराध पर एक सेमिनार का आयोजन करने वाले हैं। इसके बारे में ज्यादा जानकारी वेबसाइट socialaccess.in पर है।










