मालिनी रुस्तगी दिल्ली एक जानी – मानी टैरो रीडर, न्यूमरोलॉजिस्ट, रैकी हीलर और सर्टिफाइड थेटा हीलिंग प्रैक्टिशनर है और सही मायनों में एक लाइफ कोच हैं। मालिनी न सिर्फ ज़िन्दगी को समझती हैं, बल्कि उससे कहीं ज़्यादा वो उसकी अहमियत को समझती हैं। इसलिए तो मालिनी “विन ओवर कैंसर” से भी जुडी हैं, मालिनी 12 साल से भी ज़्यादा समय से रैकी, टैरो, न्यूमेरोलॉजी और हीलिंग से लोगों की हेल्प कर रही हैं। मालिनी ने इसकी शुरुआत 1996 में की थी। मालिनी ने हमें बताया ही किस तरह से ये सभी विद्या एक दूसरे से काफी अलग हैं।
न्यूमेरोलॉजी, टैरो कार्ड रीडिंग और स्प्रिचुअल हीलिंग मेथड्स किस तरह से एक इंडिविजुअल की लाइफ में हेल्प कर सकते हैं?
न्यूमेरोलॉजी, टैरो कार्ड रीडिंग और स्प्रिचुअल हीलिंग, इन सभी मेथड्स से एक व्यक्ति को काफी हेल्प मिल सकती है। ये कई तरह से इंसान को अपने करियर और लाइफ में आगे बढ़ने में हेल्प करते है। फ्यूचर में आने वाले प्रॉब्लम्स के बारे में जानकर उनका उपाय निकाला जा सकता है। ज़िन्दगी में सफलता, सुख-समृद्धि लाई जा सकती है।
हीलिंग से जो पुरानी यादें है जिनका बुरा असर हुआ होता है, जो सफलता में रुकावट बनते हैं उन्हें सब – कॉन्शियस माइंड से हटा कर हील किया जाता है। ये यादें पास्ट लाइफ से भी हो सकती है और बचपन की किसी घटना से भी जुडी हो सकती है। जिनके हटते ही इंसान हल्का महसूस करता है।
टैरो से फ्यूचर प्रेडिक्शन किये जाते हैं, फ्यूचर और पास्ट से रिलेटेड सवालों के जवाब जानने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। जो सवाल पूछता है उससे टैरो कार्ड पिक करवाये जाते हैं फिर उन कार्ड्स के आधार पर प्रेडिक्शन किया जाता है। टैरो से हीलिंग भी की जाती है। टैरो कार्ड रीडिंग से पहले ही आने वाली मुश्किलों का पता चल जाता है ऐसे में उनका सल्यूशन ढूंढ कर लाइफ में सक्सेस और प्रॉस्पेरिटी लायी जाती है।
रैकी से टच के द्वारा अच्छी एनर्जी को चैनल किया जाता है फिजिकल और इमोशनल वेल-बीइंग के लिए, ये एक तरह की नेचुरल हीलिंग प्रोसेस होती है। जबकि वहीँ न्यूमेरोलॉजी में नंबर्स के इस्तेमाल से आने वाले मुश्किलों को कम करने और फ्यूचर को बेहतर बनाने के लिए उपाय किया जाता है।
थेटा हीलिंग के बारे में कुछ बताईये?
थेटा हीलिंग एक ऐसी थेरेपी है जिसमे सब – कॉन्शियस माइंड को हील किया जाता है। जो बातें बचपन से ले कर या किसी भी वजह से हमारे सबकॉन्शस माइंड में घर कर लेती हैं और हमारे सक्सेस में रुकावट बनने लगती हैं उनको दूर किया जाता है।कई सारी ऐसी बातें होती हैं जो हम अपने अंतर मन से निकाल नहीं पाते, जिसका सीधा असर हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर पड़ता है। जिसको थेटा हीलिंग से दूर किया जाता है। थेटा हीलिंग में स्पिरिचुअल कनेक्शन से ही एनर्जी ट्रांसफर करके हीलिंग की जा सकती है।
लोगों का मानना होता है की भविष्य का अच्छा या बुरा होना कर्मों पर डिपेंड करता है इस बारे में आपकी क्या राय है ?
मेरा यही मानना है की कर्मों पर हमारा भविष्य निर्भर करता है। लेकिन फ्यूचर रीडिंग और हीलिंग से ज़िन्दगी को बेहतर बनाया जा सकता है। जब कोई इंसान बुरे काम करता है लेकिन उसे उनका पछतावा होता है और वो उससे आगे बढ़ना चाहता है तो हीलिंग से ये पॉसिबल है। बुरे कर्मों को पास्ट लाइफ, फ्यूचर रीडिंग, हीलिंग और कर्मा क्लीनिंग से अच्छे भविष्य में कन्वर्ट किया जा सकता है लेकिन इसके लिए ये भी ज़रूरी है की इंसान खुद अच्छा बनना चाहता हो। अगर कोई बुरे कर्म करता रहेगा और सोचे की फ्यूचर रीडिंग और हीलिंग से वो क्लीन होता जायेगा तो ये सही नहीं है। क्योंकि जब किसी में बुराई होती है और वो बुरा करता जाता है तो ये मेथड्स उसकी कोई मदद नहीं कर सकते। जब कोई अच्छाई के राह पर चलता है और अपने पुराने कर्मो के लिए माफ़ी मांगता है तो उसके अंदर की उसे स्पिरिचुअल लाइफ में भी आगे बढ़ने में हेल्प करती है।
आज-कल डिप्रेशन और स्ट्रेस बहुत कॉमन हो गया है, आप क्या टिप्स देना चाहेंगी हमारे रीडर्स को डिप्रेशन और स्ट्रेस को कम करने के लिए?
कोई भी बात मन में ना रखें। अगर किसी से झगड़ा व बहस हुई है तो गुस्से को तुरंत अपने मन से निकाल कर माफ़ करें और आगे बढ़ जाएँ। अगर हम मन में बातें रखते हैं, अंदर ही अंदर घुटते रहते हैं तो वो हमे ही नुकसान पहुंचता है। कोई चीज़ जब मन में आती है तो हम उसे सोचते जाते हैं और मन में एक कहानी बुन लेते हैं। उसने ऐसे किया, ऐसे कहा, मैंने जवाब दिया तो अब वो आगे क्या करेगा और इस तरह थॉट्स का एक कभी न ख़त्म होना वाला लूप बनता जाता है जो डिप्रेशन और स्ट्रेस की वजह बनता है। इसलिए जो कुछ भी हुआ हो उसे उसी वक्त माफ़ कर आगे बढ़ जाएँ और अपना ध्यान कुछ अच्छे और क्रिएटिव कामों में लगायें। भूल कर आगे बढ़ने की बजाय, दिल से माफ करना और उस बारें में ना सोचना ही डिप्रेशन और स्ट्रेस का सल्यूशन है।