
सुप्रीम कोर्ट में तीन महिलाओं समेत नौ नए जजों की नियुक्ति हुई है। इन नियुक्तियों के साथ ही न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना के चीफ जस्टिस बनने का रास्ता साफ हो गया है। वह देश की पहली महिला चीफ जस्टिस होंगी। कहा जा रहा है कि साल 2027 में वह इस पद को संभाल सकती हैं।
कौन हैं बी वी नागरत्ना? आइए जानते हैं इनके बारे में ?
– जस्टिस बीवी नागरत्ना कर्नाटक हाई कोर्ट में जज हैं। वे साल 2008 में कर्नाटक हाई कोर्ट में बतौर एडिशन जज आई थीं। 2 साल के कार्यकाल के बाद 2010 में नागरत्ना को स्थायी जज बना दिया गया था।
– अपने करियर में बी वी नागरत्ना ने कई अहम फैसले सुनाए हैं। 2012 में ब्रॉडकास्ट मीडिया को रेगुलेट करने का निर्देश भी जस्टिस नागरत्ना ने दिया था। वह उस वत्त हाई कोर्ट की उस बेंच का हिस्सा थीं।
– 2019 में बी वी नागरत्ना ने फैसला सुनाया था कि मंदिर “व्यावसायिक प्रतिष्ठान” नहीं हैं और उसके कर्मचारी ग्रेच्युटी के हकदार भी नहीं हैं ।
– 2020 में एक तलाक के मामले पर टिप्पणी करते हुए जस्टिस बी वी नागरत्ना ने कहा था कि लोग महिला सशक्तिकरण के बारे में बात तो करते हैं, लेकिन सोसायटी को ये नहीं पता कि सशक्त महिलाओं के साथ किस तरह व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने कहा था कि माता-पिता भी अपने बेटों को नहीं सिखाते कि एक सशक्त महिला के साथ कैसा बर्ताव रखना चाहिए।
जानिए बी वी नागरत्ना के करियर के बारे में…
जस्टिस नागरत्ना का जन्म 30 अक्टूबर, 1962 को हुआ था और वह पूर्व प्रधान न्यायाधीश ई एस वेंकटरमैया की बेटी हैं। नागरत्ना ने अपने करियर की शुरुआत 1987 में बतौर वकील की थी। 23 साल वकालत करने के बाद उन्होंने जज की भूमिका संभाली।










