Home Inspiring Women मिताली के भरतनाट्यम की हार, क्रिकेट में जीत की वजह

मिताली के भरतनाट्यम की हार, क्रिकेट में जीत की वजह

All Photo: Instagram/mithaliraj

जोधपुर में एक तमिल परिवार में 3 दिसंबर, 1982 को जन्मी मिताली राज अपने भाई के साथ मूल बातें सीखते हुए हैदराबाद में पली-बढ़ीं हैं, उन्होंने अपने जुनून भरतनाट्यम’ को छोड़ने का कठिन फैसला किया। एक बहुत ही सख्त और अनुशासित पिता द्वारा खेल में जाने के लिए मजबूर मिताली के कई बलिदानों का फल उन्हें 19 साल की उम्र में ही मिल गया। उन्होंने अपना तीसरा टेस्ट खेलकर आस्ट्रेलिया की करेन रोल्टन का 209 रन के स्कोर को 214 रन के साथ पार करके सबसे ज्यादा  व्यक्तिगत स्कोर का नया रिकॉर्ड बनाया, जो यह लेख लिखते समय का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। वह दाएं हाथ की सलामी बल्लेबाज और कभी-कभी दाएं हाथ की लेग ब्रेक गेंदबाज हैं। उनके 20 साल के करियर की सवारी किसी रोलर कोस्टर राइड से कम नहीं रही है।

मिताली ने ‘भरतनाट्यम’ नृत्य में भी महारत हासिल की है और अनेक स्टेज कार्यक्रम दिए हैं। अपनी भरतनाट्यम् की क्लास में हमेशा ही समय से देर से पहुँचने पर नृत्य अध्यापक ने उसे क्रिकेट और नृत्य में से एक चुनने की सलाह दी। मिताली के पिता डोराई राज एयर फोर्स में थे और एक क्रिकेटर भी रहे हैं। उन्होंने मिताली को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव प्रयत्न किया।

मिताली ने बड़े भाई के साथ स्कूल के दिनों से ही क्रिकेट कोचिंग करना शुरू कर दिया था। तब क्रिकेटर ज्योति प्रसाद ने उसे नोटिस किया और कहा कि वह क्रिकेट की एक अच्छी खिलाड़ी बन सकती हैं। मिताली के माता-पिता ने उसे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया, उनकी सहायता के कारण वह अपने इस मुकाम तक पहुँच सकी हैं।

भारत की इस महानतम महिला बल्लेबाज ने अपने दो दशकों से अधिक लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में कई मील के पत्थर गाड़े हैं। खेल में सबसे अधिक रन बनाने वाली एकमात्र भारतीय महिला कप्तान ने दो बार 50 ओवर के विश्व कप फाइनल में टीम का नेतृत्व किया है।

16 साल की छोटी-सी उम्र में 1999 में, घरेलू प्रतियोगिता में रेलवे के लिए खेलते हुए मिताली राज ने एयर इंडिया के लिए पूर्णिमा राव, अंजुम चोपड़ा और अंजू जैन जैसे सितारों के साथ खेलते हुए वनडे डेब्यू पर नाबाद 114 रन बनाए और जल्द ही खुद को भारत की बल्लेबाजी में स्थापित कर लिया। कवर क्षेत्र से रन लेने की बेजोड़ सटीकता उनकी बल्लेबाजी की पहचान बन गई।

उनकी तकनीकी सुदृढ़ता और क्रिकेट मैच के तीनों फॉर्मेट (वन डे, टेस्ट, और T20) में शीर्ष क्रम पर एक पारी की शुरुआत करने की क्षमता ने भारतीय बल्लेबाजों की दो पीढ़ियों को प्रेरित किया है। उन्होंने 2001-2002 में लखनऊ में इंग्लैंड के विरुद्ध प्रथम टैस्ट मैच खेला। मिताली जब प्रथम बार अंतराराष्ट्रीय टेस्ट मैच में शामिल हुईं तो बिना कोई रन बनाए डक (ज़ीरो रन) पर आउट हो गई। लेकिन उसने अपने कैरियर में अपनी मेहनत के दम पर आगे बढ़कर दिखाया और अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में आज तक का सर्वाधिक स्कोर 214 रन बना कर कीर्तिमान स्थापित किया। यह रिकॉर्ड उन्होंने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ खेलते हुए 2002 में बनाया। यह महिला क्रिकेट का सर्वाधिक रन रिकॉर्ड है।

मिताली ने ‘महिला विश्व कप 2005’ में भारतीय महिला टीम की कप्तानी की। BCCI (क्रिकेट बोर्ड) तथा वीमेंस क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के एकीकरण की अगुआई में भारतीय टीम ने टांटन में इंग्लैंड को दूसरे टैस्ट में पाँच विकेट से करारी शिकस्त देकर दो मैचों की शृंखला को 1-0 से जीता। इस प्रकार मिताली के नेतृत्व में महिला क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड को उसकी ही ज़मीन पर मात दी, जिससे मिताली को भरपूर प्रंशसा मिली, साथ ही जीत का श्रेय भी।

जुलाई 2017 के एकदिवसीय (वनडे) विश्व कप के दौरान मिताली राज ने इंग्लैंड की पूर्व कप्तान शार्लोट एडवर्ड्स को पीछे छोड़ते हुए एकदिवसीय मैचों में सबसे अधिक 6000 रन बनाने वाली पहली महिला बन गईं। टूर्नामेंट में उनकी 409 रनों की संख्या इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज टैमी ब्यूमोंट के बाद दूसरे स्थान पर रही।

मिताली राज की क्रिकेट के प्रति दिलचस्पी किसी से पीछे नहीं है। उन्होंने कामयाबी के मामले में पुरुषों सर्किट के कुछ सबसे फेमस नामों को पीछे धकेल दिया है ऐसे में महिलाओं खिलाड़ियों की तो बात ही छोड़ दें। सितंबर 2019 में उन्होंने ODI क्रिकेट पर पूरा ध्यान केंद्रित करने के लिए T20I से संन्यास लेने की घोषणा की। 2019 में वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 20 साल पूरे करने वाली पहली महिला बनीं।

सबसे ज्यादा रन बनाने वाली अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेटर को कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं। जिसमें भारत सरकार की तरफ से 2003 में अर्जुन अवार्ड और 2015 में पद्म श्री भी शामिल हैं। मिताली को 2017 में विजडन लीडिंग वुमन क्रिकेटर इन वर्ल्ड का अंतर्राष्ट्रीय अवार्ड मिला।

भारतीय कप्तान मिताली राज ने हाल ही में जारी बल्लेबाजों की ताजा आईसीसी महिला वनडे रैंकिंग (ICC ODI) में शीर्ष पांच में वापसी की है। क्रीज पर उनका संयम और तेज स्कोर करने के साथ लेग स्पिन गेंदबाजी की क्षमता उन्हें एक खतरनाक क्रिकेटर बनाती है।

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His camera is his canvas. Photojournalist Azhar Khan is best known for his travel-based stories and women-centric articles, besides his lens eyes that cover Bollywood. With over a decade in journalism, Azhar Khan's works have featured in Indian and International media including Mid-Day, HT Media Ltd, Mumbai Mirror, Chitralekha Magazine, Metro Now (Delhi), Urban Asian, Getty Images, Warner Bros. Pictures, BBC, Alamy News, Sopa Images, Pacific News Agencies, among others.