
कई लोग समाज में अपने काम और अनुभव से काफी कुछ सीखते हैं। इसके बदले उन्हें भी समाज से शोहरत और इज्जत मिलती है। इनमे से कुछ ही अपने ज्ञान और अनुभव को दूसरों तक पहुँचाने की कोशिश करते हैं। इन्ही में से एक हैं जेनेसिस एजुकेशन इंस्टीट्यूट की डायरेक्टर विधि झा।
पिछले काफी वर्षों से वे महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम कर रही हैं। वे बताती हैं की महिलाओं के शोषण के पीछे कई बार बड़ी वजह आर्थिक तंगी होती है। उन्हें यह बात समझ आ गई कि महिलाएं यदि आर्थिक रूप से सक्षम हों तो समाज की मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य से विधि झा ने संगणी फाउंडेशन की शुरुआत की। वह मानती हैं कि समाज में उन्हें काफी मान सम्मान हासिल हुआ। उन्होंने इसके बदले में समाज को भी कुछ देने के लिए सामाजिक कार्य शुरू किया। उन्होंने महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाए के लिए काम करना शुरू किया।
लायंस क्लब,रोटरी क्लब और जेसिस जैसे संगठनों से जुडी होने पर विधि झा ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी काम किया है। उनका मानना है कि हर महिला में कोई न कोई गुण जरूर होता है। बस उसको पहचानने और निखारने की जरुरत होती है। उनके फाउंडेशन ने गांव की बहुत सारी महिलाओं को ट्रेनिंग देकर रोजगार दिलाया है। विधि झा का फाउंडेशन गांव की औरतों को अगरबत्ती बनाने का काम सिखाता है। उनकी मदद से सिलाई, साबुन, पेपर प्लेट बनाने के काम शुरू कर महिलाएं न केवल पैसे कमा रहीं हैं बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे रहीं हैं। अब डिजिटल प्लेटफार्म से विधि झा के साथ काफी महिलाएं जुड़ रही हैं। उन्होंने 10000 से ज्यादा महिलाओं को रोजगार दिलाया है।
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