
यदि आप विजेता बनना चाहते हैं, तो बड़े सपने देखने की हिम्मत करें और कड़ी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प से उसे हकीकत में बदलें। वैसे तो हमेशा कहा जाता है कि लोग अपनी गलतियों से सीखते हैं लेकिन सच तो यह है कि सबसे ज्यादा सीख अनुभवी लोगों से ही मिलती है। जब कोई व्यक्ति किसी व्यक्ति के अनुभव को सुनता है, तो वह सबसे ज्यादा सीखता है।
प्रियंका सोहनी भारतीय विदेश सेवा की अधिकारी हैं और चीन में भारतीय दूतावास की पहली सेक्रेटरी हैं। IFS अधिकारी प्रियंका सोहनी, यूपीएससी परीक्षा के सभी युवा उम्मीदवारों और उन लोगों के लिए एक प्रेरणा हैं जो अपने जीवन में कुछ महान हासिल करना चाहते हैं। प्रियंका सोहनी 32 साल की उम्र में अपने सपनों को जी रही है। प्रियंका ने अपनी मंजिल पाने के लिए कड़ी मेहनत की है।
कई लोग विभिन्न सरकारी परीक्षाओं में आवेदन करके देश में सर्वोच्च अधिकारी बनने की ख्वाहिश रखते हैं, जबकि आईएफएस कुछ अलग है। यह दूसरों की तुलना में अधिक मांग वाली पोस्ट है। IFS में अधिकारी को विदेश में भारत का राजनयिक कहा जाता है। वह विदेशों में भारतीय मिशनों की गतिविधियों के साथ-साथ सरकार की विदेश नीति के निर्माण और निष्पादन के लिए जिम्मेदार है।
इन अधिकारियों को विदेशी संस्थानों में काम करने का अवसर मिलता है, इन संस्थानों में यूनेस्को, संयुक्त राष्ट्र, विश्व बैंक, सार्क आदि शामिल हैं। IFS अधिकारी विदेशों में मौजूद 160 भारतीय दूतावासों और मिशनों में से किसी में भी तैनात हो सकते हैं। प्रियंका सोहनी 2012 बैच की IFS अधिकारी हैं। उसने अपनी लगन से परीक्षा पास की। उनकी वर्तमान पोस्टिंग चीन में भारतीय दूतावास के प्रतिनिधि के रूप में है। प्रियंका चीन में भारतीय दूतावास में 2016 से सेवा दे रही है।
प्रियंका सोहनी का जन्म 16 अक्टूबर 1987 को हुआ। फिलहाल उनकी उम्र 32 साल है। अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रियंका ने 26 साल को उम्र में यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी और तीसरी रैंक हासिल करके इस कठिन परीक्षा को क्रैक किया। वह एक उत्साही, विवेकपूर्ण और अद्भुत अधिकारी हैं। प्रियंका के माता-पिता के साथ-साथ उनके प्रियजनों को उन पर गर्व है। प्रियंका सोहोनी को सीएसई में अच्छे अंक मिले जिसकी वजह से वह अपने सपनों की नौकरी कर पा रही है।
प्रियंका सोहनी ने साबित कर दिया है कि हर एक महिला अपने सपनों को हकीकत में बदल सकती है और देश की सभी महिलाओं को सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा और शक्ति देती है। प्रियंका को 2012 में IFS बैच में सर्वश्रेष्ठ लर्निंग ऑफिसर का पुरस्कार दिया गया, इस सम्मान के लिए उन्हें गोल्ड मेडल मिला। यह पदक 2004 से अब तक 15 अधिकारियों को सम्मान के लिए दिया जा चुका है।
प्रियंका सोहनी को हिंदी, इंग्लिश के आलावा चीनी भाषा भी आती है। माननीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की महाबलीपुरम में हुई मुलाकात के दौरान दोनों देश के शीर्ष व्यक्तियों के बीच में प्रियंका सोहनी ने ही ट्रांसलेटर की भूमिका निभाई थी। उन्होंने मुलाकात के दौरान शी जिनपिंग और नरेंद्र मोदी की बातचीत को बेहतरीन तरीके से समझाया।
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