Home Inspiring Women चंबा की शिखा 3 बार असफल, HAS में हासिल की चौथी रैंक

चंबा की शिखा 3 बार असफल, HAS में हासिल की चौथी रैंक

शिखा ने अपने जीवन में वह कर दिखाया है जो नौजवानों की जिंदगी का एक ख्वाब होता है। शिखा ने हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (HPAS) की परीक्षा में चौथा स्थान हासिल किया है। प्रदेश में बेहद ही कठिन मानी जाने वाली इस परीक्षा में शिखा ने चौथी रैंक हासिल करके लड़कियों के लिए हमारे समाज में एक मिसाल कायम की है। हालांकि शिखा का यह सफर इतना आसान भी नहीं था। उनके इस सफर में कई रुकावट आई लेकिन शिखा ने हार नहीं मानी, और अपने लक्ष्य को हासिल किया।

शिखा का जन्म 14 फरवरी 1995 को हिमाचल प्रदेश में हुआ उनके पिता भारतीय फौज से बतौर कैप्टन रिटायर्ड है। परिवार में सात बहने हैं, जिनमें वह सबसे छोटी है। शिखा का बचपन कई उतार-चढ़ाव से होकर गुजरा साल 2009 में मां का निधन हो गया। यह पल शिखा की जिंदगी के लिए एक बड़ा झटका था। अपनी मां को खोकर जिंदगी में आगे बढ़ना हर किसी के लिए इतना आसान नहीं होता। लेकिन शिखा ना तो अंदर से टूटी और ना ही उन्होंने हार मानी। शिखा की शिक्षा की बात की जाए तो उन्होंने चंबा जिले के काकीरा गांव के एक सरकारी स्कूल से अपने शुरुआती शिक्षा हासिल की। घर से स्कूल काफी दूर था, जिसके लिए शिखा को पैदल ही जाना पड़ता था। इतने मुश्किल हालातों में भी शिखा ने स्कूल जाना बंद नहीं किया। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद शिखा ने चौवारी कॉलेज से बी.ए. की डिग्री हासिल की। आगे की पढ़ाई के लिए शिमला में हिमाचल यूनिवर्सिटी चली गई। और यही वह दौर था जब शिखा ने हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा की परीक्षा की तैयारी शुरू की। सबसे अहम बात यह है कि शिखा ने यह परीक्षा बिना किसी कोचिंग का सहारा लिए पास की। इससे पहले शिखा ने HPSA की परीक्षा तीन बार दी, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इस बार HPSA की परीक्षा में शिखा ने चौथी रैंक हासिल की।

परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद शिखा अपने गांव पहुंची तो उनके घर के बाहर उनके स्वागत के लिए परिजनों और ग्रामीणों का तांता लग गया। गांव वालों ने शिखा के गले में मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया। जैसे ही वह अपने पिता के गले लगी उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े और वहां मौजूद सभी लोग भावुक हो गए।

शिखा की कामयाबी ने हमारे समाज को एक संदेश दिया है। उनकी यह सफलता उन लोगों को एक करारा जवाब है जो यह समझते हैं कि लड़कियों का दायरा सिर्फ घर की चार-दीवारी और चूल्हे चौके तक ही सीमित है।

Previous articleCovid-19: कोरोना की थर्ड वेव से बच्चों को बचाएंगी ये 5 आदतें
Next articleबच्चों का IQ लेवल बढ़ाती है मछली, जानिए इसके 5 फायदे
His camera is his canvas. Photojournalist Azhar Khan is best known for his travel-based stories and women-centric articles, besides his lens eyes that cover Bollywood. With over a decade in journalism, Azhar Khan's works have featured in Indian and International media including Mid-Day, HT Media Ltd, Mumbai Mirror, Chitralekha Magazine, Metro Now (Delhi), Urban Asian, Getty Images, Warner Bros. Pictures, BBC, Alamy News, Sopa Images, Pacific News Agencies, among others.