
सीओपीडी यानी क्राॅनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (Chronic obstructive pulmonary disease)। सीओपीडी फेफड़ों का एक ऐसा रोग है, जिसमें मरीज सामान्य रूप से सांस नहीं ले पाता। पर ये अस्थमा नहीं है। अक्सर लोग अस्थमा और सीओपीडी को एक ही बीमारी समझ लेते हैं। बेशक इन दोनों के ही लक्षण एक जैसे होते हैं। लेकिन ये अस्थमा से कहीं ज्यादा गंभीर बीमारी है।
सोओपीडी के लक्षण
सांस लेने में परेशानी होना,
सीने में जकड़न
गहरी सांस लेना,
कफ, खांसी, जुकाम, सीने में जकड़न
सोओपीडी के कारण और किन्हें होता है इसका ज़्यादा खतरा
डॉक्टर की माने तो 40 साल के लोगो को सीओपीडी का ज्यादा खतरा रहता है। ये वो लोग हैं जो धूम्रपान या तंबाकू जैसे उत्पाद का इस्तेमाल करते हैं। सिगरेट, सिगार के धुएं के संपर्क में रहने वाले व्यक्ति को भी सीओपीडी हो सकता है। यदि आपको अस्थमा है और आप धूम्रपान भी करते हैं तो आपको सीओपीडी का खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है।
लेकिन दिन ब दिन तेजी बढ़ रहे प्रदूषण के कारण भी लोग सीओपीडी बीमारी का शिकार हो रहे हैं। अब इसका असर कम उम्र के बच्चों और युवकों में भी ज्यादा नजर आने लगा है। प्रदुषण के कारण छोटे-छोटे बच्चे सांस लेने में परेशानी झेल रहे हैं।
इस रोग की वजह से मरीज के फेफड़ों में कई तरह की बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। जैसे फेफड़ो में पस पड़ना और कैंसर होने का खतरा बढ़ना। लेकिन सही समय पर इलाज से हम सोओपीडी या उसकी वजह होने वाली कई बिमारियों से बच सकते हैं।










