Home Health मधुमेह के मरीज भी बेहतरीन मिठाई का आनंद ले

मधुमेह के मरीज भी बेहतरीन मिठाई का आनंद ले

बेसन की मिठाई
जानकारों के मुताबिक बेसन में ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) बहुत कम होता है। ग्लाइसेमिक इंडेक्स एक माप है जो कार्बोहाइड्रेट को ग्लूकोज बनाने में कितना समय लगता है, यह बताता है। आजकल की खराब लाइफस्टाइल और गलत खान-पान की वजह से डायबिटीज एक आम बीमारी हो गई है। एक बार इस बीमारी से संक्रमित हो जाने पर यह जीवन भर आपके साथ रहती है।

इस रोग में मीठी चीजों से परहेज जरूरी है। लापरवाही के कारण और भी कई बीमारियां जन्म लेती हैं। हालांकि फेस्टिव सीजन में लोग न चाहते हुए भी मिठाइयों से दूरी नहीं बना पा रहे हैं।

इससे शुगर लेवल बढ़ने का भी खतरा होता है। इसके लिए त्योहार के दिनों में डॉक्टर से सलाह लेकर ही मिठाई खाएं। वहीं अगर आपका मीठा खाने का मन है तो शुगर फ्री मिठाई का सेवन करें।

नारियल के लड्डू
त्योहार के मौसम में शुगर के मरीज नारियल के लड्डू का सेवन कर सकते हैं। डॉक्टर भी मधुमेह रोगियों को नारियल के लड्डू खाने की सलाह देते हैं। हालांकि नारियल के लड्डू में चीनी की जगह स्टीविया का इस्तेमाल करें। आप पिस्ता की खीर और खजूर की बर्फी खा सकते हैं।

अंजीर बर्फी
अंजीर को पूरी दुनिया में सेहतमंद माना जाता है। यह पाचन में सुधार करता है और मधुमेह को नियंत्रित करता है। अंजीर के फल को बर्फी के रूप में भी खाया जा सकता है, जिसमें आर्टिफिसियल चीनी बिल्कुल नहीं होती है।

यह मिठाई काजू, बादाम, पिस्ता, अंजीर, घी और शहद से बनती है, जो बच्चों और बड़ों दोनों के लिए सेहतमंद है।

मूंग दाल का हलवा
मूंग की दाल सेहत के लिए फायदेमंद होती है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स 38 होता है। साथ ही इसमें प्रोटीन भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो दिल के लिए फायदेमंद होता है।

इसके सेवन से शुगर होने का खतरा कम हो जाता है। मूंग दाल का हलवा भी आप आसानी से बना सकते हैं। आजकल बाजार में मूंग दाल का हलवा भी आसानी से मिल जाता है।

फिनी
फिनी एक पारंपरिक राजस्थानी मिठाई है। यह मुख्य रूप से राजस्थान के बीकानेर में मिलती है। इसे मैदा, चीनी और शुद्ध घी से बनाया जाता है, लेकिन आजकल शहद से बनी शुगर-फ्री फिनी भी मिलती है, जिसका आप लुत्फ उठा सकते हैं।

 

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शुगर फ्री रागी की बर्फी

स्टेप 1
रागी की बर्फी बनाने के लिए, धीमी आंच पर एक पैन रखें और उसमें थोडा़ सा घी पिघलाएं। घी के पिघलने के बाद इसमें रागी का आटा डालकर भून लें। जब आटा भूनने के बाद ब्राउन हो जाए तो गैस बंद कर दें और इसे 5 से 6 मिनट तक ठंडा होने दें।

स्टेप 2
इसके बाद पैन को फिर से धीमी आंच पर रख दें। अब इसमें गुड़ पाउडर और हरी इलायची पाउडर डाल कर अच्छे से मिक्स कर लीजिए।

गुड़ धीरे-धीरे पिघलेगा, लेकिन मिश्रण को चलाते रहें। अगर आपको यह बहुत ज्यादा सूखा लगता है, तो थोड़ा गर्म दूध डालें और अच्छी तरह मिलाएँ। जब गुड़ पक जाए तो गैस बंद कर दें।

स्टेप 3
गैस बंद करने के बाद फिर से घी डालें। अब एक प्लेट लें और उस पर घी लगाएं, फिर रागी का मिश्रण डालें और कटे हुए सूखे मेवे से गार्निश करें। अब इसे अच्छे से ठंडा होने दें और फिर चौकोर आकार में या मनचाहे आकर में काट लें। आपकी रागी बर्फी तैयार है।

रागी की बर्फी मधुमेह के रोगियों के लिए फायदेमंद होती है। यह कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसमें डायटरी फाइबर होता है, जो पाचन क्रिया को भी मजबूत करता है। इसलिए मधुमेह रोगी भी विशेष अवसरों और त्योहारों पर मिठाइयों का आनंद ले सकते हैं।

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