Home Health शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने के प्रो टिप्स

शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने के प्रो टिप्स

हीमोग्लोबिन की कमी कई लोगों, विशेषकर महिलाओं के लिए एक स्थायी स्वास्थ्य समस्या है। हीमोग्लोबिन के गिरते स्तर से आपको ज्यादातर समय थका हुआ या कमजोर महसूस होगा। इसके पीछे कारण यह है कि हीमोग्लोबिन के अणु पूरे शरीर में कोशिकाओं तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करते हैं। आप जिस ऑक्सीजन से सांस लेते हैं वह फेफड़ों में शुद्ध हो जाती है और रक्तप्रवाह में चली जाती है जहां हीमोग्लोबिन इसे ले जाता है और उन्हें कोशिकाओं में स्थानांतरित कर देता है। हीमोग्लोबिन कम होने से यह प्रक्रिया धीरे हो जाती है जिससे शरीर की कोशिकाओं में ऑक्सीजन के हस्तांतरण में गिरावट और परिणामस्वरूप विभिन्न अंगों में तनाव या उनकी कार्यक्षमता पर असर होता है।

Photo: Annie Spratt/Unsplash

हालांकि, अच्छे और स्वस्थ भोजन से साथ हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने के कई तरीके हैं। न्यूट्रीटिनिस्टों के अनुसार स्वस्थ आहार हीमोग्लोबिन के बढ़े हुए स्तर के पीछे का एक रहस्य है।

हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने के लिए इन सुझावों का पालन करने से पहले आपके लिए यह जानना जरुरी होगा कि शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी का पता कैसे लगाया जाए?

हीमोग्लोबिन का स्तर कम हो सकता है यदि:

  • त्वचा रूखी सुखी या मुंहासे वाली हो रही है।
  • बालों की गुणवत्ता खराब होन साथ में घुंघराले बाल होते जाना। बाल झड़ना भी एक लक्षण हो सकता है।
  • मनोदशा (मूड) लंबे समय तक ख़राब रहना क्योंकि मस्तिष्क की कोशिकाओं को ठीक से काम करने के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल रही है
  • छोटे-छोटे कामों के बाद सांस फूलना और थकान होना।
  • जी मिचलाना और सिर दर्द नियमित समस्या बन जाना।
  • पीरियड्स में बहुत ज्यादा ब्लीडिंग का होना या महीनों तक ब्लीडिंग नहीं होना।

हीमोग्लोबिन के स्तर को कैसे बेहतर करें?

हीमोग्लोबिन में एक भाग आयरन और एक भाग प्रोटीन का होता है। इसलिए केवल आयरन युक्त आहार पर ध्यान केंद्रित करने से काम नहीं चलेगा। आहार से शरीर को विटामिन बी12 और विटामिन सी, प्रोटीन और बहुत सारे पोषक तत्व भी मिलने चाहिए।

लंबे भोजन अंतराल से बचें: 2 से 3 घंटे का अंतराल ठीक है क्योंकि लंबे अंतराल आयरन के अवशोषण (एब्सॉर्प्शन) में कमी आ सकती है। चाय, कॉफी, तले हुए स्नैक्स, सिगरेट या तंबाकू से भूख न मिटाएं।

दालों को भिगोएँ, अंकुरित करें और पकाएँ: दालें प्रोटीन, खनिज और पोषक तत्वों का स्रोत हैं। पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ाने के लिए उन्हें रात भर भिगोकर रखें। फिर इन्हें मनचाहे तरीके से पकाए सकते हैं।

आंवला खाएं: आंवले में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है जो हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ने में महत्वपूर्ण है। हालांकि आंवला जूस या गोलियों से परहेज करें। आंवले को या उसका अचार या मुरब्बा खाएं।

मौसमी सब्जियां चुनें: सिर्फ पालक आयरन के स्तर को बढ़ाने में मदद नहीं करेगा। विविध हरी सब्जियां चुनें जो उस मौसम में उपलब्ध हों जिनसे आपको और भी विभिन्न पोषक तत्व मिलेंगे।

डिस्क्लेमर: यह लेख, स्वास्थ्य सलाह की सामान्य जानकारी के लिए है। इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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