अपनी सेहत का ध्यान रखते हुए महिलाओं को किस तरह प्रेगनेंसी के बाद अपने वज़न को कम करना चाहिए जानते हैं Dr. Rita Bakshi, IFC से।
Dr. Rita Bakshi, IFC
प्रेगनेंसी केबादएकलेडीअपनी बॉडी को किस तरह से मेन्टेन रखसकतीहै ?
आज कल लड़कियां अपनी फिगर और हेल्थ को लेकर बहुत कॉन्शियस हो गयीं हैं। पहले ज़माना था जब उनको प्रेगनेंसी के बाद घी और पंजीरी खिलते थे। आजकल लड़कियां हाई प्रोटीन डाइट पसंद करती हैं जैसे दाल, पनीर, सोया, अंडे आदि। इसके साथ ही वो वसा मतलब फैट की कम मात्रा लेती हैं जो वेट को मैनेज करने में हेल्प करती है। साथ-साथ विटामिन डी, आयरन, कैल्शियम जो हेल्थ मेन्टेन करने में हेल्प करती हैं l साथ ही एक और चीज़ है जो काफी बदली है वो है रेस्ट। पहले प्रेगनेंसी के दौरान रेस्ट ज़्यादा होता था लेकिन अब ऐसा नही है, आज की महिला अब काफी एक्टिव रहती है। गेम्स, योग, वॉक ज़रूरी है। इन सब चीजों के साथ बॉडी और वेट आसानी से मेन्टेन हो जाता है।
कुछ लेडीज डिलीवरी के बाद वेट कम करने के लिए अपनी डाइट पोरशन काफी कम कर देती हैं। ये कितना हार्मफुल हो सकता है उस वक्त जब वो बेबी को ब्रेस्टफीड कर रही होती हैं और खाना कम खाने की वजह से न्यूट्रिशन्स भी अधूरे लेती हैं ?
जी, ये बिलकुल बहुत हार्मफुल है, इससे शरीर की पर्याप्त मात्रा में दूध बनने की क्षमता पर असर पड़ता है और ये बहुत ज़रूरी है की प्रेगनेंसी के बाद अपना खान-पान अच्छा रखा जाये। बहुत सारा पानी पियें, दूध पियें और पोषण से भरपूर खान-पान रखें क्योंकि वही नुट्रिशन बच्चे को भी माँ के दूध से मिलते हैं तो ये बहुत ज़रूरी है की आप खाना बिलकुल भी कम न करें।
डिलीवरीकेकितनेसमयबाद वेट लॉस या बॉडी मेन्टेन करनेकेलिएएफर्ट्स शुरूकियेजानेचाहिए ?
डेलिवेरी के बाद हमारी बॉडी को नार्मल होने में 15 से 20 दिनों का वक्त लगता है जिसके बाद नार्मल डेली लाइफ एक्टिविटीज शुरू की जा सकती है लेकिन बॉडी को पूरी तरह रिकवर होने में 40 दिन तक का समय लगता है उसके बाद एक्सरसाइजेज और वेट लॉस प्रोग्राम्स शुरू किये जा सकते हैं और खासकर एब्डोमिनल (पेट) एरिया बढ़ जाता है जिसके लिए ज़रूरी है की पेट की मांसपेशियां को टारगेट करने वाले एक्सरसाइज किये जाये.एब्डोमिनल (पेट) एरिया को नार्मल करने के लिए एक्सरसाइज ज़रूरी है क्योंकि डाइट का इफ़ेक्ट नही हो पता एब्डोमिनल (पेट) एरिया कम करने के लिए ।
जब 40 दिनोंका पीरियड पूराहोजाताहैतबएक महिला कोअपनावज़नपहलेकीतरह मेन्टेन करनेकेलिएकिन–किनबातोंकाध्यानरखनाचाहिएजिससेबच्चेपरभीकिसीतरहके साइड इफेक्ट्स नआये ?
बच्चा जो है फीडिंग और सारे पोषक तत्वों के लिए अपनी माँ पर डेपेंडेंट होता है ऐसे में जब वो अपनी रूटीन लाइफ में वापिस जाती है तो माँ को अपने आप पर ध्यान देना ज़रूरी होता है, तो आयरन, बी काम्प्लेक्स, कैल्शियम उनको कम से कम 3 से 4 महीनो तक लेने ज़रूरी होते हैं और ज़रूरी है की माँ अपनी डाइट को नुट्रिशन से भरपूर रखें .
देखिये घी और पंजरी पूरी तरह कैलोरीज हैं और वो ज़माना था जब डिलीवरी के 4 दिनों बाद ही सरे कम करना सुरु कर दिया जाता था, तब उस तरह से कैलोरीज की ज़रुरत भी पड़ती थी. अब उस तरह के फिजिकल स्ट्रेंथ वाले काम नही होते हैं, आज कल उस तरह की लाइफस्टाइल नही है लेकिन हमे हाई प्रोटीन डाइट ज़रूर लेनी चाहिए अभी भी और मई कहूँगी की थोड़ा घी खाने के साथ लिया जा सकता है, फैट भी ज़रूरी है ये नही होना चाहिए की फैट पूरी तरह से छोड़ दिया जाये. थोड़ा बहुत रोटी या दाल के साथ खाएं लेकिन घी पीना बिलकुल नही है . ड्राई फ्रूट्स भी खाएं, ऐसी चीजें खाएं जिनसे ताकत मिले लेकिन चीनी या ज़्यादा मीठा न खाएं जिससे ज़्यादा फैट बॉडी में जमा हो ।
आयल, घी, चीनी को कम किया जाना चाहिए, चीनी को तो खासतौर पर अवॉयड करें. फल, सब्ज़ियां, नारियल पानी को खाने में शामिल करे; और अजवाइन का उबाल हुआ पानी पियें. अजवाइन का पानी बहोत फायदेमंद होता है और डिलीवरी के बाद ब्लीडिंग जल्दी क्लियर करने में भी अजवाइन का पानी इफेक्टिव होता है. हरी पत्तेदार सब्ज़ियां भी अपनी डाइट में बढा दें और पनीर, अंडा खाएं. अंडा काफी अच्छा एनिमल प्रोटीन सॉर्स है जो कई लोग बंद कर देते हैं कई मिथ्स की वजह से पर अंडे सेहत के लिए काफी अच्छे होते हैं, वेट कम करना चाहते हैं तो एग योल्क (अंडे का पीला भाग) न खाएं. दूध भी ज़रूर पीना चाहिए डिलीवरी के बाद के वक्त में.