
इम्युनिटी बूस्टर आज के समय बहुत जरूरी है। इम्यून सिस्टम के कमजोर होने से दिल और ब्लड प्रेशर की बीमारियां हो सकती है। पिछले दो सालों से कोविड-19 महामारी की वजह से स्वस्थ रहना चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में अपनी सेहत का ध्यान रखना जरूरी हो जाता है।
संक्रामक रोगों से बचाव के साथ अच्छी स्वच्छता महत्वपूर्ण है। लेकिन शरीर के इम्यून सिस्टम में सुधार भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उम्र के साथ यह समस्या बढ़ती जाती है क्योंकि जैसे-जैसे आप बड़े होते जाते हैं, रोगों से लड़ने में इम्युनिटी क्षमता कम होती जाती है।
स्वस्थ रहने के लिए अपनाएं ये इम्युनिटी बूस्टर प्रैक्टिस
1. संतुलित आहार (balance diet)
आप जो भोजन करते हैं वह आपके स्वास्थ्य और इम्युनिटी को निर्धारित करता है। कम कार्बोहाइड्रेट वाला आहार लें। यह हाई डाइबिटीस और खून के दबाव को नियंत्रित करने में मदद करेगा। फिट रहने के लिए प्रोटीन लेने पर ध्यान दें।
बीटा कैरोटीन, एस्कॉर्बिक एसिड और अन्य विटामिन से भरपूर सब्जियां और फल खाएं। उदाहरण के लिए- मशरूम, पपीता, टमाटर, शिमला मिर्च। ब्रोकली, पालक जैसी हरी सब्जियां भी अच्छे विकल्प हैं।
साथ ही ओमेगा 3 से भरपूर सप्लीमेंट लें। प्राकृतिक इम्युनिटी बढ़ाने वाली चीजें जैसे अदरक, आंवला और हल्दी लें।
साथ ही लहसुन, तुलसी के पत्ते और काला जीरा जैसी कई जड़ी-बूटियां इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करती हैं। कुछ बीज और सूखे मेवे जैसे सूरजमुखी के बीज, अलसी के बीज, कद्दू के बीज और खरबूजे के बीज प्रोटीन और विटामिन ई के अच्छे स्रोत हैं, इसलिए इनका भी सेवन करें।
2. रात को अच्छी नींद लें
इम्युनिटी बढ़ाने के लिए 7-8 घंटे की नींद सबसे अच्छा तरीका है। नींद की कमी मस्तिष्क की गतिविधि को बाधित करती है और थकान महसूस होती है।
3. व्यायाम
30 मिनट की हल्की एक्सरसाइज जैसे वॉकिंग, योगा, स्ट्रेचिंग और कार्डियो आपको पूरे दिन ऊर्जावान बनाए रखेंगे। नियमित रूप से व्यायाम करना आपको स्वस्थ रखने में काफी मददगार साबित होता है।
4. पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
खुद को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी है। रोजाना लगभग 10-14 गिलास पानी पिएं जो आपके शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करेगा।
5. धूम्रपान, शराब और अन्य नशीले पदार्थों से बचें
किसी भी तरह के नशीले पदार्थ का सेवन आपके शरीर को कमजोर बना सकता है। साथ ही सांस की बीमारियों पर सीधा असर पड़ता है।
6. योग प्रतिरक्षा बूस्टर
योग में ध्यान का अभ्यास करें जो आपके तनाव को दूर करता है और आपके शरीर में कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) के स्तर को कम करता है।
हाल ही में एक नए शोध में दावा किया गया है कि जो लोग ज्यादा शराब का सेवन करते हैं, उनमें एआरडीएस (एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम) से पीड़ित होने की संभावना अधिक होती है।










