
खाने में स्वाद, रंग और बीमारियों को दूर रखने वाली हल्दी का इस्तेमाल शायद ही किसी भारतीय घर में नहीं होता होगा। हल्दी में एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेट्री और एंटी-कार्सिनोजेनिक गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को कई तरह के फायदा पहुंचाते हैं। पर सवाल ये है कि जिस हल्दी का इस्तेमाल आप अपने खाने में कर रहे हैं क्या वो असली है? हम ये सवाल इसलिए पूछ रहे हैं क्योंकि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने हाल ही में ग्राहकों को जागरूक करने के लिए अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है।
एफएसएसएआई ने अपने वीडियो में बताया कि बाजार में बिकने वाली हल्दी में कई तरह के कैमिकल वाले रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। ये कैमिकल हमारे शरीर और दिमाग के लिए घातक साबित हो सकते हैं। FSSAI ने इस जालसाजी से बचने की तरकीब का एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसे अपनाकर हर ग्राहक हल्दी असली या नकली इसकी पहचान कर सकता है।
Detecting Artificial Colour Adulteration in Turmeric#DetectingFoodAdulterants_3@MIB_India@PIB_India @mygovindia @MoHFW_INDIA pic.twitter.com/eTJL1wJ9yT
— FSSAI (@fssaiindia) September 1, 2021
कैसे करें असली और नकली की पहचान
– एक गिलास पानी को आधा भर लीजिए।
– अब इसमें एक चम्मच हल्दी का पाउडर डालिए और मिक्स करिए।
– अगर हल्दी गिलास के निचले हिस्से में बैठ जाती है और गिलास के पानी का रंग हल्का पीला पड़ता है तो समझ लीजिए ये असली है।
– लेकिन अगर हल्दी का रंग बहुत ज्यादा गाढ़ा हो जाता है तो ये मिलावट का संकेत है।










