
स्वस्थ पाचन तंत्र यानि डायजेस्टिव सिस्टम के लिए खमीरीकरण किसी योगदान से कम नहीं है। इससे मिलने वाला गुड बैक्टेरिया हमारे डायजेस्टिव सिस्टम को तो हेल्दी रखता ही है खमीर द्वारा बनाए जाने वाले खाने से शरीर को अधिक मात्रा में पोषक तत्व भी मिलते हैं ।
सदियों से हमारी संस्कृति में लोकप्रिय खाना बनाने का ये तरीका फिर से हमारी किचन का अहम हिस्सा बन रहा है। खाने.पीने के सामान को संरक्षित रखने की ये काफी पुरानी तकनीक है जिस वक़्त घरों में रेफ्रिजरेटर नहीं हुआ करते थे।
खमीरीकरण की प्रक्रिया के दौरान सूक्ष्मजीव बैक्टीरिया जैसे यीस्ट या फफूंद जैस आर्गेनिक यौगिक में बदल जाते हैं। सब्जियों और फलों में मौजूद स्टार्च और शुगर को ए खमीरीकरण तकनीक से लैक्टिक एसिड में बदल दिया जाता हैं और ये लैक्टिक एसिड एक नेचुरल संरक्षक यानि प्रिजर्वेटिव के रूप में काम करता है।
खमीरीकरण से भोजन में नेचुरल और फायदेमंद बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं। जिन्हें प्रोबायोटिक और गुड बैक्टीरिया कहा जाता है। जो हमारी हेल्थ के लिए बहुत ही ज़रूरी हैं।
”क्या आप जानते हैं कि कुल एक लाख करोड़ बैक्टीरिया हमारे पाचन तंत्र में एक साथ रहते हैं। जिनका कुल वजन लगभग चार पाउंड होता है ?।”
गुड बैक्टीरिया / बेड बैक्टीरिया
हमारे पेट में मौजूद गुड बैक्टीरिया बहुत आवश्यक हैं। ये खाना पचाने में मददगार हैं साथ ही हमारे इम्म्युन सिस्टम को भी दुरुस्त रखता है। इन गुड बैक्टीरिया के साथ हमारे पेट में बेड बैक्टीरिया भी मौजूद होते हैं । ऐसे में इन दोनों में संतुलन बनाना बहुत ज़रूरी है क्यूंकि पेट में बेड बैक्टीरिया बढ़ने से सूजन, दस्त या कब्ज़ की परेशानी हो सकती है
आज कल जिस तरह का खान – पान है, एक तो उसमे शुगर की मात्रा काफी ज़्यादा होती हैए ऊपर से बिजी, तनाव से भरी जीवनशैली, ऐसे में पेट में बेड बैक्टीरिया के पनपने का खतरा बढ़ जाता है । रिफाइंड और हाई शुगर खाने के साथ प्रोबायोटिक से भरपूर खमीर भोजन खाने से आपके पेट में गुड और बेड बैक्टीरिया भी बैलेंस रहते है और इम्म्युन सिस्टम भी स्वस्थ रहता है।
घर पर करें खमीरीकरण
आप चाहें तो घर पर भी खाने बनाने के लिए खमीर तकनीक का प्रयोग कर के खाना बना सकते हैं। ये बहुत ही आसान और बढ़िया तरीका है। खमीर तकनीक से अगर आप खाना बनाना चाहती हैं तो उसके लिए हमेशा ताज़ी देसी और ऑर्गेनिक सब्जियां चुने। अगर सब्जियां ताज़ी होंगी तो खमीर भी बढ़िया होगा। वैसे तो आप किसी भी सब्जी को खमीर के लिए चुन सकती हैं पर कुछ सब्जियां और फल खमीर के लिए ज्यादा बेहतर विकल्प हैं जैसे गोभी, मूली, गाजर, शलगम, सेब और चकुंदर। वैसे तो खमीर प्रक्रिया से एक अलग तरह का खट्टा स्वाद बनाता है लेकिन अब ये आपके ऊपर है की आप इस टेस्ट के साथ कितना और क्या नया प्रयोग कर सकते हैं।










