
1. फेस सीरम आपकी त्वचा की कुछ खास समस्याओं को ध्यान में रखकर बनाया जाता है जैसे- उम्र के साथ त्वचा पर दिखने वाली बारीक रेखाएं, झुर्रियां, पिगमेंटेशन, डलनेस और ( पोर्स )रोमछिद्रों का बड़ा हो जाना।
2. सीरम में सेरामाइड्स, ग्लिसरिन, के अलावा खीरा, ऐलोवेरा और विटमिन सी, विटमिन के, विटमिन ई जैसे नैचरल इनग्रेडिएंट्स होते हैं। जो आपकी त्वचा में गहराई तक जाकर असर दिखाते हैं और आपको देते हैं ऐजलैस खूबसूरती।
3. एंटी-एजिंग फेस सीरम 3गुना अधिक प्रभावी सीरम होते हैं जिसमे मौजूद रेटिनोल, हयालुरोनिक एसिड और विटामिन E त्वचा की नमी को बढ़ावा देता है, मुहांसे, उम्र के धब्बे, सूखी त्वचा और झुर्रियों को रोकने के साथ साथ पोर्स के साइज़ को कम करता है।
4. सबसे आम प्रकार के सीरम में शामिल हैं:
हाइड्रेटिंग सीरम।
एंटीऑक्सीडेंट सीरम।
ब्राइटनिंग सीरम।
रेसुररेक्शन सीरम।
क्लियर सीरम।
पोर मिनिमिज़िंग सीरम।
एंटी-एजिंग सीरम।
कामिंग सीरम।
5. अगर आप एक स्वस्थ स्किन पाना चाहती हैं तो डेली फेस सीरम की 2 से 4 बुँदे इस्तेमाल करना चाहिए। स्किन स्पेशलिस्ट के अनुसार 20 साल के उम्र के बाद फेस सीरम का इस्तेमाल शुरू किया जा सकता है।
तो अगर आपने अभी तक फेस सीरम का इस्तेमाल शुरू नहीं किया है तो अब शुरू कीजिए।










